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भिवाड़ी में आस्था भक्ति और श्रद्धा का संगम, सडक़ों पर उमड़ा भक्तों का सैलाब

भिवाड़ी. बाबा मोहनराम के मेले में बुधवार-गुरुवार की आधी रात को बड़ा ही लुभावना नजारा था। ऐसा लगा कि बाबा के सभी भक्त आधी रात में दर्शन करने के लिए सडक़ों पर निकल आए हों। मंशा चौक मिलकपुर मंदिर, बैरियल, टपूकड़ा मटीला चौकी, खिजरपुर, गोधान सहित काली खोली को जाने वाला कोई भी रास्ता हो, […]

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Mar 06, 2026

देर रात हजारों डीजे की धुन पर नाचते गाते दर्शन को पहुंचे लाखों भक्त

भिवाड़ी. बाबा मोहनराम के मेले में बुधवार-गुरुवार की आधी रात को बड़ा ही लुभावना नजारा था। ऐसा लगा कि बाबा के सभी भक्त आधी रात में दर्शन करने के लिए सडक़ों पर निकल आए हों। मंशा चौक मिलकपुर मंदिर, बैरियल, टपूकड़ा मटीला चौकी, खिजरपुर, गोधान सहित काली खोली को जाने वाला कोई भी रास्ता हो, सभी जगह भक्तों का हुजूम उमड़ रहा था। सडक़ों पर बाबा के भक्तों का समुंद्र दिखाई दे रहा था। आस्था भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत, अकल्पनीय और अनोखा मिश्रण उद्योग नगरी में दिखाई दे रहा था। दूरदराज से आए बाबा के भक्तों ने सडक़ किनारों पर डेरा जमा लिए थे। वहीं पर प्रसाद तैयार किया और श्रद्धालुओं में वितरित किया। हजारों की संख्या में डीजे आए जिन पर नाचते गाते लाखों भक्त बाबा मोहनराम की अखंड ज्योत के दर्शन करने काली खोली धाम पहुंचे।

धार्मिक नगरी का दिखा स्वरूप
भिवाड़ी को उद्योग नगरी कहा जाता है लेकिन यहां पर बाबा मोहनराम की कृपा बरसती है। आमजन की मान्यता है कि बाबा मोहनराम भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इसलिए रक्षाबंधन, होली पर लक्खी मेला भरता है जिसमें लाखों भक्त दर्शन को आते हैं। महीने की प्रत्येक दौज को भी लाखों भक्त दर्शन को पहुंचते हैं। वर्षभर भिवाड़ी में भले ही सामान्य जन जीवन रहे लेकिन जब बाबा मोहनराम का मेला भरता है तब यहां का माहौल एक धार्मिक नगरी के रूप में बन जाता है। बुधवार-गुरुवार को भिवाड़ी की सडक़ों पर जो अलौकिक, अतुल्यनीय और मनभावन नजारे थे, उन्हें देखकर ऐसा ही लगता था कि यहां के कण-कण में बाबा मोहनराम की भक्ति और शक्ति समाई है, जिसकी कृपा पाने के लिए सैकड़ों किमी दूर से लाखों भक्त आ रहे थे। भक्तों की टोलियों की श्रृंखला बढ़ती ही जा रही थी। बाबा के भजन पर भक्तों का नृत्य मनमोह रहा था। काली खोली की जय जयकार से आसमान में गूंज सुनाई दे रही थी। चारों तरफ हर्ष उल्लास और भक्ति का वातावरण दिखाई दे रहा था। बाबा के दर्शन को आए भक्त दिल खोलकर भंडारा करते हैं। भंडारों में सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ रखे जाते हैं। जो कि प्रसाद के तौर पर भक्तों को खिलाए जाते हैं।