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ट्रांसफार्मर पर चोरी के तारों का जाल, रोशन हो रही श्रमिक कॉलोनी और झुग्गियां

भिवाड़ी. शहर के मुख्य रास्तों पर लगे ट्रांसफार्मर पर भी बिजली चोरी करने वाले तारों का जाल बना हुआ है। ऐसे ट्रांसफार्मर से निगम को कई स्तर पर नुकसान होता है और चोरी करने वाले कई तरह से फायदा उठाते हैं। निगम ने बीते एक साल में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कई बार […]

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Feb 26, 2026

्मुख्य रास्तों पर भी बिना किसी रोकटोक के हो रही बिजली चोरी

भिवाड़ी. शहर के मुख्य रास्तों पर लगे ट्रांसफार्मर पर भी बिजली चोरी करने वाले तारों का जाल बना हुआ है। ऐसे ट्रांसफार्मर से निगम को कई स्तर पर नुकसान होता है और चोरी करने वाले कई तरह से फायदा उठाते हैं। निगम ने बीते एक साल में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कई बार अभियान चलाया है लेकिन इसके बावजूद शहरी क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों के हौंसले बुलंद हैं। मिलकपुर सरकारी स्कूल के सामने लगे ट्रांसफार्मर से कई श्रमिक कॉलोनी और सैकड़ों झुग्गियों को चोरी की बिजली आपूर्ति होती है। यहां झुग्गियों की संख्या भी बड़ी संख्या में हैं। श्रमिक कॉलोनी और झुग्गियों से किराया लेने वाले ही ट्रांसफार्मर से चोरी की बिजली देते हैं और चोरी की बिजली का भी बिल लेते हैं। इस तरह निगम को राजस्व का नुकसान होता है। वहीं बिजली चोरी करने वाले निशुल्क बिजली को भी बेचते हैं।

जलते हैं ट्रांसफार्मर
निगम क्षेत्र में बिजली भार के अनुसार ट्रांसफार्मर रखता है। इस तरह बिजली चोरी करने वाले तय भार से अधिक बिजली लेने लगते हैं जिसकी वजह से निगम के ट्रांसफार्मर भी जल जाते हैं। क्षेत्र में नियमित उपभोक्ता होने की वजह से बिजली ट्रांसफार्मर बदलना निगम की मजबूरी हो जाती है। इस तरह बिजली चोरी करने वालों को कोई नुकसान नहीं होता। निगम को राजस्व के नुकसान के साथ संसाधन भी अधिक खपाने पड़ते हैं।

दस वीसीआर भी नहीं भरते
निगम के नियमानुसार प्रत्येक अभियंता को महीने में दस वीसीआर भरनी होती है जिससे कि बिजली चोरी पर अंकुश लग सके। निगम अभियंता महीने में दस वीसीआर भी नहीं भरते। सर्किल के दस महीने के आंकड़ें देखें तो पता चलता है कि सिर्फ तिजारा सहायक अभियंता ने ही वित्तीय वर्ष में वीसीआर के लक्ष्य को पूरा किया है, सर्किल के सभी अभियंता वीसीआर भरने में विफल रहे हैं। ऐसे सभी अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता ने नोटिस दिए हैं। कुछ एक अभियंता तो ऐसे हैं जिन्होंने एक भी वीसीआर नहीं भरी है।

चोरी पकडऩे चलाया अभियान
सर्किल में चालू वित्तीय वर्ष में दर्जनों बार बिजली चोरी पकडऩे का अभियान चलाया गया है। निगम ने गत वर्ष में 412 वीसीआर भरकर 1.19 करोड़ का जुर्माना लगाया, जिसमें से 251 वीसीआर का 64 लाख जुर्माना निगम में जमा हो चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में जनवरी तक 1053 वीसीआर भरकर 3.65 करोड़ का जुर्माना लगाया है, जिसमें से 817 वीसीआर का 2.02 करोड़ रुपए जुर्माना राशि निगम खाते में जमा हुई है।

बिजली चोरी रोकने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। अगर कहीं ट्रंासफार्मर से बिजली चोरी का मामला पकड़ में आएगा तो वीसीआर भरकर जुर्माना लगाया जाएगा।
जेपी बैरवा, अधीक्षण अभियंता