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भिवाड़ी अग्निकांड में चौंकाने वाला खुलासा: बाहरी भूखंडों पर चला रहे थे फैक्ट्री, इलाज करा रहे 8वें मजदूर की मौत

भिवाड़ी के खुशखेड़ा अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा को दिल्ली से गिरफ्तार कर तिजारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

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Bhiwadi Fire

मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Bhiwadi Fire: खुशखेड़ा अवैध पटाखा फैक्ट्री हादसे मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। संचालकों ने सोची समझी रणनीति के तहत फैक्ट्री लगाई थी। सामने आया है कि संचालकों ने ऐसी जमीनें किराए पर लीं, जो स्थानीय लोगों की नहीं थीं।

सभी भूखंड दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद निवासियों को रीको ने आवंटित किए हैं। संचालकों को पता था कि स्थानीय लोगों के भूखंड होने पर खुलासा हो जाएगा। अवैध कारोबार नहीं चल सकेगा। स्थानीय स्तर पर दबाव बनने और किराया बढ़ाने या उत्पादन की जानकारी होने पर भूखंड खाली कराने की संभावना अधिक रहती। इसके विपरीत बाहरी भूखंड मालिकों को समय पर किराया पहुंचने पर गतिविधियों में हस्तक्षेप की आशंका कम रहती है।

जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, वह भूखंड संख्या जी-1, 118बी वह राजेंद्र कुमार निवासी पटेल नगर गाजियाबाद यूपी की थी। वहीं, दूसरी फैक्ट्री जिसमें अवैध पटाखा की फैक्ट्री पकड़ी गई, वह भूखंड संख्या जी-1,682 मोहित कत्याल निवासी करमपुरा पंबाजी बाग पश्चिमी दिल्ली की है।

तीसरी फैक्ट्री जिस पर अवैध पटाखा का गोदाम मिला, भूखंड संख्या जी-1,538ए, वह कृष्ण कुमार निवासी पालम विहार गुरुग्राम की है। प्रशासन ने जो अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम पकड़ा, उक्त मामले में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों में फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। मामले की जांच एएसपी और डीएसपी को सौंपी गई है। दोनों ही जगह बड़ी मात्रा में अवैध पटाखा, सामग्री और मशीन मिली थीं।

दिल्ली में इलाज करा रहे 8वें मजदूर की मौत

भिवाड़ी अग्निकांड में मृतकों का आंकड़ा आठ तक पहुंच गया। रविवार सुबह करीब तीन बजे के आसपास दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान बिहार निवासी अनूप पासवान की मौत हो गई।

बता दें कि अनूप पासवान फैक्ट्री में लोडिंग और अनलोडिंग का काम करता था। हादसे में 40 प्रतिशत से ज्यादा झुलसने के चलते उसे सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। लेकिन इंफेक्शन फैलने के बाद हालत बिगड़ती चली गई और मौत हो गई। एक अन्य युवक की भी हालत काफी गंभीर हो चुकी है, जिसका इलाज जारी है।

आरोपी सचदेवा पांच दिन के पुलिस रिमांड पर

अवैध पटाखा हादसे के मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को पुलिस ने तिजारा कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। कोर्ट ने 25 फरवरी तक पुलिस अभिरक्षा में सौंपा है।

पूर्व में गिरफ्तार किए गए किरायानामा करने वाले हेमंत शर्मा और सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी को भी दोबारा पेश किया। दोनों को पहले तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली थी। दोनों को भी कोर्ट ने पूछताछ के लिए पुलिस को 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि पूछताछ में अवैध विस्फोटक नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों की जानकारी मिली है। पटाखा निर्माण के लिए कुछ माल चीन और कुछ स्थानीय बाजारों से आता था। विशेष टीम संभावित स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच व्यापक स्तर पर जारी है। पूछताछ में आरोपियों ने उक्त अवैध कारोबार में संलिप्त कई लोगों के नाम बताए हैं।

घायलों के खातों में 3.35 लाख की राशि जमा कराई

पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में घायल श्रमिकों को राहत दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने पांच घायलों के खातों में 3.35 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि जमा कर दी है। गंभीर रूप से घायल दो पीडि़तों को एक-एक लाख रुपए की सहायता खातों में जमा कराई गई।

इसके अतिरिक्त अन्य तीन घायलों को चोट प्रतिवेदन के आधार पर प्रति व्यक्ति 45 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे खाते में जमा की गई। पटाखा हादसे में मारे गए सातों श्रमिकों की डीएनए रिपोर्ट आ गई है। शनिवार शाम को पुलिस प्रशासन ने मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए।