
भिवाड़ी. जलभराव की समस्या को लेकर मंगलवार शाम को छह बजे दिल्ली में हाईलेवल बैठक हुई थी। बैठक के 12 घंटे बाद ही धारूहेड़ा तिराहे पर हाईलेवल ड्रामा देखने को मिला। अवैध रैंप का पुनर्निमाण होने लगा। हरियाणा पुलिस की मौजूदगी में रैंप को दोबारा निर्मित कर दिया गया। ज्ञात हो कि 20-21 दिसंबर की रात को रैंप तोड़ा गया था। रैंप किसने तोड़ा इसकी जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली लेकिन केंद्रीय मंत्रियों और सीएम की अध्यक्षता में बैठक होने के बाद रैंप के दोबारा निर्माण से सवाल खड़े हो गए। इससे पूर्व गत वर्ष सात जुलाई की रात को रैंप को तोड़ा गया था, तब भी किसी ने रैंप तोडऩे की जिम्मेदारी नहीं ली थी लेकिन उस समय हरियाणा प्रशासन ने आठ जुलाई की सुबह ही दोबारा रैंप का निर्माण करा दिया था। तब रैंप हटने के बाद दोबारा निर्मित होने के विरोध में भिवाड़ी में महापंचायत भी हुई और आक्रोश भी जाहिर किया गया लेकिन रैंप टस से मस नहीं हुआ। रैंप तोडऩे के घटनाक्रम में बुधवार सुबह फिर मोड आ गया। रैंप की राजनीति गरम हो गई। मामला इसलिए भी पेचीदगी भरा हो गया कि हाईलेवल बैठक में हरियाणा राजस्थान के वरिष्ठ नेता शामिल हुए, बैठक केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडक़री की अध्यक्षता में हुई, बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, राव इंद्रजीत ङ्क्षसह सहित अन्य मंत्री शामिल हुए। बैठक मेंं जलभराव निस्तारण के लिए सीईटीपी, एसटीपी से शोधित पानी को फैक्ट्रियों को देने के साथ सारेखुर्द बांध में ले जाने और मसानी बैराज के लिए छह किमी लंबी ड्रेन निर्माण की सहमति बनी। दोनों राज्यों ने ड्रेन के लिए 25-25 करोड़ देने पर सहमति जताई। शेष राशि एनएचएआई देगी। इसके बावजूद सुबह हुए इस घटनाक्रम से बैठक के बाद नाटकीय स्थिति पैदा हो गई। रैंप का दोबारा निर्माण होने से आवागमन बाधित होने लगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 919 रेवाड़ी से पलवल को जोड़ता है। बीते कुछ दिनों में रैंप टूटने के बाद यहां से आवाजाही बढ़ी थी। दोबारा रैंप निर्मित होने से वाहन चालकों को परेशानी होने लगी और घूमकर निकलने लगे। रैंप का निर्माण हरियाणा प्रशासन ने जुलाई 2023 में कराया था। तभी से भिवाड़ी का प्राकृतिक बहाव रुका हुआ है। तभी से बारिश के सीजन में जलभराव से हालात खराब होते हैं। बायपास का आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक मार्केट बुरी तरह प्रभावित होता है। रैंप निर्माण के पहले और बाद में जलभराव दूर करने, जल निकासी, प्राकृतिक बहाव खोलने को लेकर एक दर्जन से अधिक बैठक हो चुकी हैं। अभी तक की स्थिति को देखें तो सभी बैठक बेनतीजा ही साबित हो रही हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडक़री की अध्यक्षता में तीन बैठक हो चुकी हैं। पूर्व में दोनों राज्यों के सीएम की फोन पर वार्ता हुई है। रैंप निर्माण से पूर्व भी हरियाणा के तत्कालीन सीएम और केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक हुई। इसके साथ ही जिला स्तरीय और उच्च स्तरीय अधिकारियों की भी कई बड़ी बैठक हो चुकी हैं लेकिन जलभराव निस्तारण, प्राकृतिक बहाव खोलने को लेकर सहमति नहीं बन रही है।
Published on:
08 Jan 2026 06:37 pm
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