
जयपुर। फुहारों के बीच मंगलमूर्ति गणपति बप्पा के जयकारों की गूंज, भक्ति गीतों की सुमधुर स्वर लहरियां बिखेरते बैंड वादक और हैरतअंगेज करतब दिखाते पहलवान। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर शोभायात्रा समिति के तत्वावधान में रविवार को शाही लवाजमे के साथ मोती डूंगरी गणेश मंदिर से रवाना हुई शोभायात्रा के दौरान ऐसा ही नजारा दिखा। यात्रा में 30 से अधिक स्वचालित झांकियों सहित भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों वाली 60 से अधिक झाकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
एक झांकी में देवतागण वंदे भारत ट्रेन में सवार हुए। मुंबई के लाल बाग चाग चा राजा सहित अन्य झाकियां खास रही। अधिक समाजों की झांकियों ने एकजुटता का संदेश दिया गया। इस साल झांकियों की संख्या भी ज्यादा रही।
मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ मोतीडूंगरी गणेशजी के दर्शन किए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर पांच हजार साल से भी पुरानी है। संरक्षण के साथ इसे बढ़ावा देने की भी आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य रथ पर विराजमान भगवान गणेश की स्वर्ग जड़ित झांकी की आरती कर शोभायात्रा को रवाना किया।