
फसल के साथ खड़ा किसान। फोटो- पत्रिका
सिरोही। किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों और चना की खरीद एक अप्रेल से शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत जिले में चार खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। जावाल, शिवगंज, रेवदर और स्वरूपगंज में स्थापित इन केन्द्रों पर किसान अपनी उपज सीधे बेच सकेंगे।
सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपए प्रति क्विंटल और चने का 5875 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवाना होगा। पंजीयन प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू होगी। कृषि अधिकारियों के अनुसार इस बार जिले में 4865 हैक्टेयर में चना और 23872 हैक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई थी।
सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और वे बाजार में दलालों या बिचौलियों पर निर्भर न रहें। समर्थन मूल्य पर खरीद से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उनकी आय में स्थिरता आएगी। एक अप्रेल से जिंस की खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
मौसम का बदलता मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। सरसों की कटाई के साथ ही तैयार फसल को घर ले जाने की होड़ लगी हुई है। आसमान में बादल छाने से खेतों में काम कर रहे किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। इन दिनों सरसों और चने की फसल की कटाई जोर-शोर से चल रही है। मौसम बिगड़ने की आशंका को देखते हुए किसान जल्द से जल्द फसल समेटने में जुटे हुए है। वहीं कृषि विभाग ने किसानों से समय पर पंजीयन कराने और निर्धारित केन्द्रों पर ही उपज बेचने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सरसों और चना की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एक अप्रेल से शुरू होगी। जिले में जावाल, शिवगंज, रेवदर और स्वरूपगंज में खरीद केन्द्र बनाए गए हैं। पंजीयन प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू होगी।
Updated on:
18 Mar 2026 04:55 pm
Published on:
18 Mar 2026 04:53 pm
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