जमीन धंसने की सूचना मिलने पर उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र कुमार, पुलिस वृत्ताधिकारी नरेन्द्र पूनिया, कालू थानाधिकारी धर्मवीर, एएसआइ रामनिवास मीणा समेत जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। जमीन धंसने से कौतूहल की स्थिति बनी हुई है तथा बड़ी तादाद में लोग गढ्डे को देखने के लिए दिनभर पहुंच रहे थे। लोगों को रोकने के लिए पुलिस जाब्ता लगाया गया।
लूणकरनसर ( बीकानेर)। लूणकरनसर तहसील के सहजरासर गांव की रोही में सोमवार रात को अचानक जमीन धंसने से एक बड़ा गहरा गड्ढा बन गया है। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने जायजा लेते हुए सुरक्षा की दृष्टि से इस क्षेत्र में आवागमन को रोक दिया है। जमीन धंसने के मामलेे को लेकर भूगर्भ विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया, लेकिन जमीन धंसने का कारण पता नहीं चला है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार देर रात करीब तीन बजे ढाणी भोपालाराम से सहजरासर गांव जाने वाली सड़क पर सहजरासर गांव की रोही में जगूनाथ के खेत में अचानक जमीन धंस गई। जमीन धंसने से 150 से 200 फीट लम्बा-चौड़ा तथा 70-80 फीट गहरा गड्ढा हो गया। जमीन धंसने के साथ ही करीब 50-60 फीट तक सड़क भी जमींदोज हो गई है। इससे सड़क से आवागमन बाधित हो गया है।
हादसे का यूं चला पता
ढाणी भोपालाराम से सहजरासर जाने वाले रास्ते पर जमीन धंसने से बने गड्ढे से सड़क गायब हो गई। इस दौरान रात करीब तीन बजे खारड़ा गांव के लोग जीप में लूणकरनसर से अपने गांव जा रहे थे। जीप एकदम गहरे गड्ढे के किनारे ही रुकने से हादसा टल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पास के गांव के लोगों को बुलाकर जीप को गड्ढे से दूर किया। हालांकि इससे पहले रात ढाई बजे एक ट्रक इस रोड से आया था। तब जमीन धंसी हुई नहीं थी।
जमीन धंसने की सूचना मिलने पर उपखण्ड अधिकारी राजेन्द्र कुमार, पुलिस वृत्ताधिकारी नरेन्द्र पूनिया, कालू थानाधिकारी धर्मवीर, एएसआइ रामनिवास मीणा समेत जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। जमीन धंसने से कौतूहल की स्थिति बनी हुई है तथा बड़ी तादाद में लोग गढ्डे को देखने के लिए दिनभर पहुंच रहे थे। लोगों को रोकने के लिए पुलिस जाब्ता लगाया गया।
भूगर्भ विभाग की टीम ने लिया जायजा
सहजरासर गांव की रोही में जमीन धंसने की सूचना मिलने के बाद भूगर्भ विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है। वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक मनोहरलाल राठौड़, वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक हकीम व सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता सौरभ भाटी ने घटना स्थल पर जायजा लिया है। टीम को अभी तक जमीन धंसने का पता नहीं चला है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रशासन के अनुसार प्रथम दृष्टया भू-वैज्ञानिकों ने इस जगह को करीब 100 साल से ज्यादा गैर आबाद बताया है तथा जमीन नीचे से खोखली होने या पानी का बहाव क्षेत्र होने से धंसने का अनुमान लगाया जा रहा है। जमीन धंसने से खेत में खड़े खेजड़ी के पेड़ जमींदोज हो गए है तथा कई पेड़ टेडे-मेढ़े खड़े दिखाई दे रहे है।
ग्रामीण बता रहे… कई साल पहले गिरी थी आकाशीय बिजली
सोमवार रात को सहजरासर गांव के पास एक खेत में जमीन धंसने के मामले को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि इस जगह करीब सौ साल पहले आकाशीय बिजली गिरी थी। इसी कारण इस जगह को लेकर आम बोचचाल में बिजल खाड के नाम से पुकारते है। ग्रामीणों ने बताया कि इस जगह पिछले कई साल से एक-दो फीट जगह धीरे-धीरे धंसती आ रही है। इससे इस जगह सड़क भी हर साल क्षतिग्रस्त होती थी।