ग्वालियर

मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को शामिल करने का निर्णय लेगी भारत सरकार

दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की हुई बैठक

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Oct 17, 2023
मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को शामिल करने का निर्णय लेगी भारत सरकार

ग्वालियर। मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने का निर्णय अब केंद्र सरकार लेगी। दरअसल, सिविल एरिया को निगम सीमा में शामिल करने के लिए सोमवार को दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय रक्षा सचिव गिरधर अरामाने को नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई, उप सचिव व्हीएस चौधरी व निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को डवलप करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपए दिए जाए और यदि नहीं तो बदले में बड़ागांव की 50 और मोहनपुर की 125 एकड़ सहित लगभग 250 एकड़ जमीन की जरूरत होगी, क्योंकि इस क्षेत्र में सडक़, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पेयजल लाइन व पानी की टंकी आदि के लिए नए सिरे से काम कराना पड़ेगा और जिस पर काफी संख्या में पैसा खर्च होगा। प्रेजेंटेशन देखने के बाद रक्षा सचिव ने कहा कि इस जमीन को देने का निर्णय केंद्र सरकार ही लेगी।

पानी-सीवर की लाइने बदली जाएगी व नई बनेंगी सडक़े
बैठक के दौरान सचिव ने कहा कि पूर्व में आपने 15 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मांगी थी, जिस पर आयुक्त ने कहा उससे स्ट्रीट लाइट, सडक़ों की पैच रिपेयरिंग सहित छोटे-छोटे काम ही हो रहे है। हाल ही में कराए गए विस्तृत सर्वे में यह बात सामने आई है कि छावनी क्षेत्र में पानी व सीवर की लाइनें काफी पुरानी हो चुकी हैं व कम आबादी के हिसाब से डाली गई थी और अब सप्लाई के समय यह फूट या टूट सकती है।

ऐसे में इन लाइनों को बदलकर नई लाइन डाली जाएगी। वहीं इस क्षेत्र की सडक़ों को भी नए सिरे से बनानी पड़ेगी। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी स्वच्छ भारत मिशन व स्वच्छ सर्वेक्षण के हिसाब से करनी पड़ेगी और इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत होगी। ऐसे में बड़ागांव और मोहनपुर में सेना की 250 एकड़ खाली भूमि को निगम को देना सही रहेगा। जमीन मिलने के बाद निगम यहां आवासीय व अन्य प्रोजेक्ट लाकर राजस्व प्राप्त कर सकेगा, जिससे छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया के विकास में पैसों की कमी नहीं आएगी। वहीं जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से वर्तमान कीमत करीब 700 करोड़ रुपए आंकी गई है।

विलय होने पर यह हो सकेंगे कार्य
मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के निगम में शामिल होने के बाद सात नए वार्ड बनाए जाएंगे। इसमें सडक़, सीवर, पानी, एलईडी लाइट व भवन अनुमति मिल सकेगी,256 कर्मचारियों के वेतन निगम देगा, सार्वजनिक शौचालय, सडक़ों की सख्या, अस्पताल, फायर स्टेशन, वाहन डिपो, पंप ट्रैक्टर व अन्य वाहन व निगम ऑफिस की संख्या बढ़ेगी, प्रधानमंत्री आवास, इंदिरा आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, अमृत योजना फेज-2 के तहत पानी व सीवर की लाइन डाली जाएगी, घर, दुकान व संस्थान के लिए लोन के साथ पंजीयन हो सकेंगे, 56 पेशनदारी को लाभ मिल सकेगा।

विलय होने से पहले करने होंगे ये कार्य
मुरार कैंटोनमेंट बोर्ड के सिविल एरिया को रक्षा मंत्रालय द्वारा डी नोटिफाई किया जाएगा। इससे छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया की भूमि पर विकास कार्य में भविष्य में सेना कोई कार्य न रोके, विलय करने का पूरा प्लान नगरीय प्रशासन को भेजा जाएगा और वहां से प्लान रक्षा मंत्रालय को जाएगा और अनुमति मिलते ही एमआईसी व परिषद में पास होने के बाद निगम में शामिल किया जाएगा व वार्ड बनने के बाद निगम विकास कार्य करेगा।

4 बार वीसी, तीन बार निरीक्षण फिर भी निर्णय नहीं
मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को निगम में शामिल करने को लेकर अब तक रक्षामंत्रालय, सिविल एरिया व आयुक्त के साथ चार बार ऑनलाइन वीसी, दो बार आयुक्त हर्ष सिंह व अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव द्वारा निरीक्षण और एक बार अपर आयुक्त ने छावनी बोर्ड के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया है। उसके बाद भी अब तक फाइनल निर्णय नहीं हो सका है।

Published on:
17 Oct 2023 10:15 pm
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