मप्र की ये यूनिवर्सिटी सिखाएगी खेती किसानी, मिलेगी एग्रीकल्चर की डिग्री
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय अब छात्रों को खेती किसानी के गुर भी सिखाएगा। प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ सैद्धांतिक पढ़ाई भी कराई जाएगी। विवि में अभी तक कृषि से जुड़ा कोई पाठ्यक्रम नहीं था। यहां एग्रीकल्चर साइंस का खाका तैयार हो चुका है। अकादमिक सत्र 2021-22 से इसे शुरू करने की तैयारी है।
कृषि विवि की ली जाएगी मदद, इसी सत्र से होगी शुरुआत
पहले चरण में होंगी 60 सीट
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने प्रथम चरण में बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर साइंस के लिए 60 सीटें निर्धारित हैं। यह व्यवस्था इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च की गाइड लाइन के तहत की जाएगी। छात्रों का रेस्पॉन्स अच्छा रहने पर भविष्य में 100 सीट की जा सकती हैं। विक्रम विवि में भी यह पाठयक्रम शुरू किया गया है। वहां के पैटर्न को यहां भी लागू किया जाएगा।
कृषि विवि के फार्म का उपयोग
जानकारों के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन कृषि विश्वविद्यालय के साथ अनुबंध हस्ताक्षरित कर रहा है। पाठ्यक्रम संचालन से जुड़ी आवश्यक जानकारियों के लिए कृषि विवि से मदद ली जाएगी। विवि के कृषि फार्म से लेकर लैब आदि का उपयोग छात्र कर सकेंगे। अन्य विभागों, जैसे समाजशास्त्र, भूगोल विभाग को इसमें शामिल करने की मांग उठ रही है।
खुद कमाओ खाओ
यह पाठ्यक्रम पूरी तरह स्वपोषित होगा। अर्थात खुद कमाओ और खुद खाओ की तर्ज पर होगा। विभाग इसे खुद संचालित करेगा। सेल्फ फाइनेंस आधारित पाठ्यक्रम में छात्रों से जो फीस आएगी उसका खर्च उसी विभाग में उन्नयन के लिए किया जाएगा। कई महाविद्यालयों में स्ववित्तीय योजना के तहत पाठ्यक्रम बेहतर तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।
विवि बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर साइंस का नया डिग्री कोर्स शुरू करने जा रहा है। विद्या परिषद में हाल ही में इसकी अनुमति प्रदान कर दी गई है। कृषि विवि के साथ हम एमओयू भी कर रहे हैं।
- प्रो. सुरेंद्र सिंह, पाठ्यक्रम प्रभारी