
जोधपुर.
पुलिस की विशेष टीम ने गुरुवार को झालामण्ड चौराहे के पास निजी बस में आठ सौ ग्राम स्मैक जब्त कर दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इनसे स्मैक खरीदकर शहरभर में आपूर्ति करने वाले चार स्थानीय युवक भी पकड़े गए हैं। स्मैक बरामदगी की यह संभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रतापगढ़ से दो व्यक्तियों के स्मैक की बड़ी खेप लेकर जोधपुर आने की सूचना मिली। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पाली की तरफ से आ रही बस को झालामण्ड चौराहे पर रोककर तलाशी ली गई। संदिग्ध नजर आए प्रतापगढ़ के दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर इनके कब्जे से सात सौ ग्राम से अधिक स्मैक जब्त की गई।
जांच में सामने आया कि दोनों युवक स्मैक की बड़ी खेप लेकर प्रतापगढ़ से जोधपुर आए थे। स्मैक की आपूर्ति जोधपुर के छोटे-छोटे तस्करों को करनी थी। इनसे मिले सुरागों के आधार पर देवनगर थाना पुलिस ने अलग-अलग जगह दबिश दी और चार युवकों को हिरासत में लिया।
पहली बार बड़े सप्लायर पकड़ में आए
शहर की गलियों में ही नहीं, बल्कि गांवों तक स्मैक ने जड़ें जमा ली है। युवा वर्ग स्मैक की दलदल में धंस चुका है। चोरी, लूट व नकबजनी के पीछे सबसे बड़ी वजह स्मैक को ही माना जा रहा है। भरसक प्रयास के बावजूद पुलिस स्मैक बेचने वाले स्थानीय व्यक्तियों तक ही पहुंच पा रही थी। बहुत ही कम मात्रा बरामद होने से आरोपी भी जमानत पर छूट जाते थे। पुलिस कमिश्नरेट में पहली बार स्मैक के बड़े सप्लायर पकड़ में आए हैं। कई वर्ष पहले डांगियावास थाना पुलिस ने ढाई सौ ग्राम स्मैक जब्त की थी, जो सबसे बड़ी कार्रवाई थी। आठ सौ ग्राम स्मैक संभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
१५०० रुपए में एक ग्राम स्मैक
पकड़ में आने वाले दोनों प्रमुख सप्लायर व स्थानीय चारों व्यक्तियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। एक ग्राम स्मैक पन्द्रह सौ रुपए में बेची जा रही थी। स्थानीय तस्कर में इस स्मैक में अन्य सामग्री मिलाकर तीन गुना बना देते हैं।