पहली बार नहीं है कि न्यूयॉर्क में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के कारण स्थिति और भी खराब हो सकती है।
नई दिल्ली। भारी बारिश से अमरीकी शहर न्यूयॉर्क जलमग्न हो गया। सड़कें डूब गईं और यातायात ठप हो गया। जलप्रलय से यहां आधारभूत ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ। लेकिन पहली बार नहीं है कि न्यूयॉर्क में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेताया है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के कारण स्थिति और भी खराब हो सकती है।
कैसे चरमराई जलनिकासी व्यवस्था?
न्यूयॉर्क के पांचों नगरों में नालों, पाइपों और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स की क्षमता भारी बारिश जैसे हालातों के लिए अब सीमित साबित होने लगी है। यहां की जलनिकासी व्यवस्था प्रति घंटे 1.75 इंच बारिश ही झेल सकती है, लेकिन हालिया बारिश में दो इंच से अधिक बारिश हुई। जिससे बाढ़ आ गई और कारें बहकर बेसमेंट और सबवे स्टेशनों में घुस गईं।
क्यों बढ़ रहे तबाही के मंजर?
इसी जुलाई में भी न्यूयॉर्क की हडसन वैली में बाढ़ से तबाही हुई थी। 2021 में न्यूयॉर्क की सड़कों पर ऐसा ही मंजर था, जब तूफान इडा से शहर में बाढ़ आ गई। इस दौरान प्रति घंटा तीन इंच बारिश हुई थी। 2014 में आई बाढ़ भी जो इसी तरह भयानक थी, इसमें प्रति घंटे पांच इंच बारिश हुई और लगभग तीन अरब रुपयों का नुकसान हो गया। सामान्य से अधिक बारिश यहां मुश्किलें बढ़ा रही है।
जलवायु परिवर्तन कैसे जिम्मेदार?
मौसम के बदलते पैटर्न के कारण धरती का तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में महासागरों की सतह गर्म होने का मतलब है वातावरण में अधिक नमी, जो भारी बारिश के साथ बाढ़ का कारण बन सकती है। जलवायु परिवर्तन जेट स्ट्रीम के व्यवहार को भी बदल रहा है। जिसमें ये स्ट्रीम एक ही स्थान पर लंबे समय तक बनी रहती हैं और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का कारण बनती हैं।
न्यूयॉर्क के लिए और बड़ा खतरा क्या?
इस शहर की ऊंची इमारतें आसपास के जलस्रोतों में धंसती जा रही हैं। जिसकी सालाना दर 1-2 मिमी है। समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से न्यूयॉर्क के डूबने का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में यहां के तटीय इलाके को बाढ़ से बचाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।