
श्रीगंगानगर.
जिला मुख्यालय को पंजाब से जोडऩे वाले मुख्य मार्ग पर बने आजाद टाकीज रेल फाटक को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बीकानेर मंडल के डीआरएम की ओर से जारी आदेश स्थानीय रेलवे स्टेशन के अधीक्षक के पास पहुंच गए हैं। स्टेशन अधीक्षक ने इस संबंध में जिला कलक्टर से मुलाकात कर रेल फाटक को स्थाई रूप से बंद करने के लिए सहमति देने का आग्रह किया है। कुल मिलाकर आने वाले समय में आजाद टाकीज रेल फाटक यादों में सिमटकर रह जाएगा।
स्टेशन अधीक्षक डीके त्यागी ने जैडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा को साथ लेकर जिला कलक्टर से मुलाकात की और उन्हें डीआरएम की ओर से जारी आदेश की प्रति सौंपी। जिला कलक्टर से आग्रह किया गया कि वे आजाद टाकीज रेल फाटक को बंद करने के मामले में सहमति दें। उसके बाद ही इस फाटक को बंद किया जाएगा।
... तो चौपट हो जाएगा कारोबार
यहां यह गौरतलब है कि लक्कड़ मंडी टी प्वाइंट से लेकर आजाद टाकीज तक सड़क के दोनों तरफ के दुकानदार इस रेल फाटक को बंद नहीं करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे फाटक के बंद होने से उनका कारोबार पूरे तौर से चौपट हो जाएगा। रेल प्रशासन ने इस मामले को लेकर दुकानदारों के आग्रह को पूरे तौर से ठुकरा दिया। जिला कलक्टर ने स्टेशन अधीक्षक को इस मामले में जल्द ही कोई निर्णय लेकर सहमति पत्र जारी करने का आश्वासन दिया।
रेलवे को एक लाख का फायदा
फाटक पर इस समय तीन रेल कर्मचारी कार्यरत हैं। इनकी आठ-आठ घंटे ड्यूटी लगती है। इस रेल फाटक के बंद होने के बाद इन तीनों कर्मचारियों को जरूरत वाले स्थान पर लगा दिया जाएगा। रेल फाटक के बंद होने से रेलवे को लगभग 1 लाख रुपए प्रतिमाह की बचत होगी।
अंडरब्रिज और ओवर ब्रिज के उद्घाटन का इंतजार
पुरानी शुगर मिल के सामने अंडर ब्रिज तथा मौसम विभाग रोड पर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दोनों ही मार्गों से पंजाब जा और आ सकते हैं। पिछले काफी समय से आम आदमी अंडर ब्रिज और ओवर ब्रिज का इस्तेमाल कर रहे हैं। दोनों का विधिवत उद्घाटन नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की सोच है कि अंडरब्रिज और ओवरब्रिज के उद्घाटन के बाद ही आजाद टाकीज रेलवे फाटक को बंद करने की इजाजत दी जाए। कलक्टर ने इस मामले की जानकारी राज्य सरकार को भेज दी है।