
गोविन्द प्रजापत
गजसिंहपुर. करीब तीन दशक से खुला कंज्यूमर डीजल पम्प बदहाली का शिकार हो रहे है। क्रय-विक्रय सहकारी समिति में बने कंज्यूमर पम्प की ओर किसी का ध्यान नहीं जाने से उपेक्षा का शिकार हो रहा है। राज्य सरकार भी कंज्यूमर पम्प पर रेट अधिक बढ़ाकर कृषकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस डीजल पम्प पर रेट बढऩे के चलते डीजल वितरण बंद कर दिया गया, जबकि समिति को इस पम्प से आर्थिक लाभ अधिक होता था। डीजल पम्प की दरों में अन्तर आने से अब ताला लटका हुआ है।
समिति के सदस्यों एवं किसानों को मिलने वाले डीजल का गत वर्ष से वितरण नहीं हो रहा है। हालांकि ऐसा पूर्व में भी हो चुका है। इस पम्प पर आईओसी से डीजल की खरीद दर अधिक होने के कारण समिति को घाटे का सामना करना पड़ा। जिसके कारण पम्प से वितरण का कार्य आगामी आदेश तक रोक दिया। इस पम्प को लम्बे समय के बाद भी शुरू नहीं होने से कृषक को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई थी आवाज
सहकारी समिति के डीजल पम्प की तेल सप्लाई पुन मंगवाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी आवाज उठाई थी। पेट्रोलियम मंत्री को सांसद निहालचंद ने 2015 में पत्र लिखकर मामले के बारे में अवगत करवाया था। जिसमें उन्होंने बताया कि गजङ्क्षसहपुर महाप्रबंधक ने अवगत करवाया कि समिति के सदस्यों एवं किसानों को मिलने वाला कंज्यूमर पम्प गत कई वर्षों से बंद पडा़ हुआ है। गत जनवरी 2015 से समिति को बिना किसी कारण के आईअेासी डीजल की सप्लाई नही दे रहा है। जबकि समिति के करीब 8 लाख रुपए कई महिनों से आईओसी में जमा पड़े है। जिससे समिति को भारी नुकसान हो रहा है।
खरीद 118 से 120 रुपए व विक्रय दर 98.70 रु. प्रति लीटर
इंडियन ऑयल कॉपरेशन (आईओसी) से मिलने वाला डीजल का रेट तय सीमा से अधिक कर दिया गया। जिसकी मार समिति को झेलनी पड़ती है। खुले बाजार से मिलने वाला डीजल और आईअेासी से मिलने वाले डीजल के रेट में काफी अंतर आने लगा। इस घाटे से उभरने के लिए समिति ने कई बार प्रयास भी किए गए, लेकिन वो सफल नहीं हो सके। अब इस घाटे से उभरने के लिए समिति ने इस पम्प से वितरण का कार्य ही रोक दिया। वहीं अब अधिकारी इस घाटे से उबरने के लिए विकल्प तलाशने में लगे हुए है।
क्रय विक्रय सहकारी समिति गजङ्क्षसहपुर कंज्यूमर डीजल पम्प पर डीजल खरीद दर, डीजल विक्रय दर से अधिक हो गया। कन्ज्युमर पम्प पर डीजल की खरीद 118 से 120 प्रति लीटर है जबकि विक्रय दर 98.70 पैसे प्रति लीटर है। यदि समिति द्वारा 12000 लीटर डीजल मंगवाया जाता है तो समिति को 240000 रुपए के करीब आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं क्रय विक्रय सहकारी समिति डीजल पम्प समिति के सदस्यों को ही डीजल देता है परन्तु चार पांच माह से खरीद दर अधिक होने के कारण समित डीजल नहीं मंगवा रही है।
&क्रय-विक्रय सहकारी समिति के कंज्यूमर डीजल पम्प को शुरू करवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जयपुर में बैठक में भी पम्प के तेल खरीद को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
-डॉ. नवल किशोर, महाप्रबंधक, क्रय-विक्रय सहकारी समिति गजसिंहपुर।
&पम्प पर खरीद रेट अधिक होने के कारण एकबार कार्य रोक दिया है। पम्प को शुरू करवाने के लिए काफी समय से प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही पम्प पर डीजल किसानों को मिल सकेगा।
-सुखदेव सिंह चोटिया, अध्यक्ष, क्रय-विक्रय सहकारी समिति, गजसिंहपुर।