
सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर).
बीकानेर रोड पर गौरव पथ का निर्माण शुरू होने पर शहरवासियों ने उम्मीद की थी कि यातायात सुगम होने के साथ-साथ सुंदर और स्वच्छ शहर की तस्वीर बनेगी। कारण कि गौरव पथ के दोनों तरफ नाला निर्माण होना प्रस्तावित है। लेकिन शहर की ऐसी गत बनी कि आज इस रोड के दुकानदार खून के आंसू बहा रहे हैं। नाले का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग करवा रहा है जबकि सफाई आदि का जिम्मा नगरपालिका का है। ऐसा लगता है कि सारा काम आनन-फानन में और बिना प्लानिंग के हो रहा है। दो दिन तक एसबीआई की गली गंदे पानी से भरी रही।
इसका पानी पंप करके 26 जनवरी को निकाला ही था कि मुख्य मार्ग के हालात खराब हो गए। मुख्य रोड पर निर्मित नाले की क्षमता तो कम है ही रिसाव करने से पानी दुकानों की नींव में जा रहा है। नाला ओवरफ्लो होकर दुकानों के आगे तक पानी पहुंचने के कारण दुकानदार परेशान हैं पर सुनवाई करने वाला कोई नहीं। नगरपालिका के अधिकारियों को सूचित करने पर वे बर्मे की सहायता से एक तरफ का पानी निकालकर दूसरी तरफ डाल देते हैं। सब काम इतना उलझा हुआ है कि पानी निकासी के लिए सडक़ पर यातायात तक रोका जा रहा है।
नाले के कारण जीना मुश्किल हो गया है।गंदगी सड़ांध मार रही है। नाला सही नहीं बनने से पानी दुकानों के आगे एकत्रित होने से परेशानी आ रही है। -नरेन्द्र कुमार, दुकानदार
तीन दिन से पड़ा है मलबा
दुकानों के आगे तीन दिन से मलबा पड़ा है। दुकानदारी ठप हुई पड़ी है। नाला निर्मित करते ही पानी छोड़ दिया गया। इससे समस्या पैदा हुई है। -विनोद कुमार, दुकानदार
पालिका कंट्रोल नहीं कर पा रही स्थितियां
हालात बिगड़े हुए है। नाले में तो घटिया सामग्री लगी ही है। नगरपालिका भी स्थितियां कंट्रोल नहीं कर पा रही। इसका दंश दुकानदार भुगत रहे हैं। -शंकरलाल, दुकानदार
दुकानों की नींव में घुस रहा पानी
बिलकुल घटिया नाला बनाया गया है। सीमेंट-बजरी का मिश्रण सही नहीं है। गंदा पानी दुकानों के आगे जमा होने से ग्राहकी प्रभावित हो रही है। -कृष्णलाल, दुकानदार