
रावला से हिन्दुमलकोट तक गोपनीय निगरानी, ड्रोन ड्रॉपिंग और तस्करी नेटवर्क पर रखेगी नजर
सुरेन्द्र ओझा.
श्रीगंगानगर. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में बढ़ती हेरोइन तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने नई रणनीति बनाई है। सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष अंडरकवर टीम गठित की जा रही है, जो तस्करों और उनके नेटवर्क पर गोपनीय तरीके से नजर रखकर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक के अधीन एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में यह विशेष टीम कार्य करेगी। इसका कार्यक्षेत्र रावला से लेकर हिन्दुमलकोट बॉर्डर तक रहेगा। हाल के समय में इस पूरे बेल्ट में हेरोइन तस्करी और ड्रोन ड्रॉपिंग के मामलों में वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पुलिस का मानना है कि सीमा पार से संचालित तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए केवल पारंपरिक पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए पहले से खुफिया सूचना जुटाना और तस्करों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। यही जिम्मेदारी अंडरकवर टीम निभाएगी।
टीम बिना अपनी पहचान उजागर किए सीमावर्ती गांवों, संदिग्ध गतिविधियों और ड्रग्स तस्करी से जुड़े लोगों पर निगरानी रखेगी। साथ ही पंजाब की ओर से आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध मूवमेंट की सूचना मिलने पर टीम तत्काल स्थानीय थाना पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करेगी।
इसलिए बनी जरूरत
पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में विभिन्न जांच एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं, लेकिन पुलिस के पास तस्करों के बारे में सूचना मिलने पर संबंधित थाना पुलिस को अवगत करवाना पड़ता है। जब तक घेराबंदी होती है, तब तक तस्करों के रूट बदलने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि ड्रोन ड्रॉपिंग से पहले तस्कर अपने सहयोगियों को इलाके में तैनात कर 'फील्डिंग' लगाते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए अंडरकवर स्पेशल टीम बनाई जा रही है।
पूरे नेटवर्क पर रहेगा फोकस
पुलिस प्रशासन के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और आर्थिक गतिविधियों का पता लगाकर संगठित गिरोह पर प्रभावी कार्रवाई करना है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
Bअंडरकवर टीम की प्रमुख जिम्मेदारियांB
-रावला से हिन्दुमलकोट तक सीमावर्ती क्षेत्र में गोपनीय निगरानी।
-ड्रोन ड्रॉपिंग से पहले सक्रिय तस्करी नेटवर्क की पहचान।
- संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानीय सहयोगियों की गतिविधियों पर नजर।
- तस्करी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस से समन्वय।
- तस्करों के पूरे नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटाना।
Bछह माह में 45.808 किलो हेरोइन की ड्रोन ड्रॉपिंगB
-इस साल अब तक सीमा पार से ड्रोन के जरिए 45.808 किलो हेरोइन भारतीय सीमा में गिराई जा चुकी।
-बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 254 करोड़ रुपए।
- ड्रोन ड्रॉपिंग के हॉटस्पॉट बने करणपुर, रायसिंहनगर, रावला, हिन्दुमलकोट, केसरीसिंहपुर, जैतसर और खाजूवाला।
-पुलिस, बीएसएफ, एनसीबी और सीआईडी की संयुक्त कार्रवाई में कई बड़ी खेप बरामद, कई तस्कर व स्थानीय सहयोगी गिरफ्तार।
-जांच में सामने आया कि ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने के लिए स्थानीय स्लीपर सेल भी सक्रिय हैं।