CAG Revealed : सरकारी विभागों से रिटायरमेंट के बाद करीब 1363लोग वृद्धावस्था और विधवा पेंशन पर भी डाका डाल रहे हैं। महालेखाकार (सीएजी) ऑडिट में इसका खुलासा होने से हड़कंप मचा हुआ है। अब संबंधित लोगों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
CAG Revealed : मोटी पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी भी सरकारी खजाने में डाका डाल रहे हैं। सीएजी के ऑडिट में उत्तराखंड में 1363 से ज्यादा पेंशनर धरे गए हैं। बताया जा रहा है कि सीएजी ने कुछ समय पूर्व ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं का ऑडिट किया था। इसमें विधवा और वृद्धावस्था पेंशन के ब्योरे का राज्य के सरकारी कर्मचारियों की पेंशन के डाटा के साथ मिलान किया गया। ऑडिट में पाया गया कि राज्य में कुल 1363 ऐसे लोग हैं जो विभागों से रिटायर होने के बाद मोटी पेंशन पा रहे हैं। साथ ही ये लोग समाज कल्याण की विधवा और वृद्धावस्था पेंशन पर भी डाका डाल रहे हैं। इसका आधार कार्ड सरकारी पेंशन के साथ ही समाज कल्याण की पेंशन के रिकॉर्ड में भी पकड़ा गया है। ये लोग लंबे समय से दो-दो पेंशन का लाभ उठाकर सरकार के खजाने में डाका डालने का काम कर रहे थे। इधर, वित्त सचिव दिलीप जावलकर के मुताबिक, उत्तराखंड में पेंशन में गड़बड़ी का यह मामला संज्ञान में आया है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इस मामले की जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनसे रिकवरी कराते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग की पेंशन पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के डाके का खुलासा होने से हड़कंप मचा हुआ है। सीएजी ने इस मामले में मुख्य सचिव और वित्त सचिव को अपनी सत्यापन रिपोर्ट भेजते हुए कहा कि समाज कल्याण विभाग की पेंशन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है। इसका लाभ वहीं लोग ले सकते हैं, जिनकी कोई नियमित आजीविका का कोई साधन नहीं है। उन्होंने सरकार इसलिए उपरोक्त मामलों की पात्रता शर्तों और लागू योजना प्रावधानों के संदर्भ में जांच की जानी चाहिए। सीएजी ने सरकार से 15 दिन में इस विषय पर उनके विचार और रिपोर्ट मांगी है।
उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग के मानकों के अनुसार विधवा या वृद्धावस्था पेंशन के हकदार वही लोग हो सकते हैं, जिनकी मासिक आय केवल चार हजार रुपये होती है। इन पेशन के आवेदकों को विभाग में आय प्रमाण पत्र भी जमा कराना पड़ता है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि सरकारी विभागों से रिटायर होने वाले कर्मचारियों के आय प्रमाण पत्र कैसे बन गए। सरकारी विभागों से रिटायर कर्मचारियों को प्रति माह औसतन 35000 रुपये पेंशन मिल रही है। ये लोग गरीबों के हकों पर भी डाका डालने से कतरा नहीं रहे हैं।