
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी को बरी किए जाने के बाद शिकायतकर्ता और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि फैसले की सर्टिफाइड कॉपी मिलने के बाद वह अपने वकील के जरिए आदेश का अध्ययन करेंगे। इसके बाद कानूनी सलाह लेकर अपील कोर्ट में अपील करेंगे। राहुल गांधी को सोमवार को सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने इस मामले में बरी किया था।
सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया गया। अदालत ने राहुल गांधी को आरोपों से बरी कर दिया। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। फैसले के बाद अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। राहुल गांधी फैसले के दिन खुद अदालत में पेश होने के लिए सुल्तानपुर पहुंचे थे। मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में हुई। अदालत ने टिप्पणी को मानहानिकारक प्रकृति का नहीं माना।
यह मामला मई 2018 का है। उस समय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि भारत के लोग यह भूल जाते हैं कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के आरोपी हैं। यह सच है। जो पार्टी ईमानदारी और शालीनता की बात करती है, उसके अध्यक्ष ऐसे व्यक्ति हैं जिन पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
उस समय अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। भाजपा नेता और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने इस टिप्पणी को मानहानि करने वाला बताते हुए 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। फरवरी 2024 में राहुल गांधी सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में पेश हुए थे। उस समय उन्होंने शिकायत को राजनीति से प्रेरित बताया था। राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने भी मामले को निराधार बताते हुए अदालत से इसे खारिज करने की मांग की थी। अब अदालत ने मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया है।
भाजपा नेता विजय मिश्रा की शिकायत के बाद शुरू हुआ यह मामला कई साल तक अदालत में चला। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हुईं। 26 अक्टूबर 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने कहा कि प्रमाणित प्रति मिलने के बाद वह अपने वकील के जरिए फैसले का अध्ययन करेंगे और कानूनी सलाह लेकर अपील करेंगे।