सामान्य सभा की बैठक में जिला खाद्य अधिकारी व फूड इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले कांग्रेसी पार्षद सभा के बाहर फूड इंस्पेक्टर से भीड़ गए। पार्षद ने जहां फूड इंस्पेक्टर के साथ गाली-गलौज की, वहीं फूड इंस्पेक्टर ने भी पार्षद को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बाद में अधिकारियों व सभापति की समझाइश के बाद मामले को रफा दिया किया गया।
सामान्य सभा की बैठक में बुधवार को राशन कार्ड व आधार कार्ड से लिंकअप के जवाब के लिए जिला खाद्य अधिकारी एसएस अग्रवाल व फूड इंस्पेक्टर सुधा सोनी को बुलाया गया था। सभा में कुछ पार्षदों द्वारा फूड इंस्पेक्टर पर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के साथ बद्सलूकी किए जानेे का आरोप लगाया गया।
इससे फूड इंस्पेक्टर नाराज हो गईं लेकिन उन्होंने सदन में कुछ भी नहीं कहा। लेकिन लंच के दौरान कांग्रेसी पार्षद दीपक नारायण सोनी उर्फ बबन महिला फूड अधिकारी से जा भीड़े। उन्होंने न केवल महिला फूड अधिकारी से बद्सलूकी की बल्कि उनपर चिलाते हुए गाली-गलौज भी शुरू कर दी।
हो-हल्ला सुनकर सभापति शफी अहमद, महापौर डा. अजय तिर्की, अजय अग्रवाल व द्वितेन्द्र मिश्रा कक्ष से बाहर निकले। उन्होंने इसे लेकर पार्षद को फटकार लगाई और सदन में जाने कहा। इसके बाद सभापति ने पार्षद के दुव्र्यवहार को लेकर व्यक्तिगत तौर पर सभी पार्षदों की तरफ से महिला फूड इंस्पेकटर से माफी मांगी।
महिला फूड इंस्पेक्टर ने भी विवाद को आगे बढ़ाते हुए एक जनप्रतिनिधि का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फूड इंस्पेक्टर ने पार्षद को कंडेक्टर कहते हुए बदतमीज भी कहा। इससे पार्षद और भड़क गए।
सभा में उठा कार्रवाई का मुद्दा
सभा में निगम के नेता प्रतिपक्ष जन्मजेय मिश्रा ने एक महिला अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार करने पर नाराजगी व्यक्त की तथा पार्षद पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। इसपर पार्षद हेमंत सिन्हा ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई कार्रवाई करने को कहा। बाद में सभापति ने अलग से बैठक कर इस मुद्दे को सुलझाने की बात कही।