आगे इसका आयोजन बनारस में मां गंगा की तर्ज किया जाएगा।
टीकमगढ़/ओरछा. ओरछा से निकले पवित्र बेतवा नदी की आरती शुरू कर दी गई है। यह आरती प्रतिदिन शाम 5.30 बजे से की जाएगी। पर्यटन विकास निगम ने इस आयोजन को प्रारंभ किया है। आगे इसका आयोजन बनारस में मां गंगा की तर्ज किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग और प्रशासन मिलकर प्रयास करेगा।
ओरछा से निकली पवित्र बेतवा नदी की आरती की मांग लंबे समय से की जा रही थी। यहां पर भी बनारस में मां गंगा की तर्ज पर आरती कराने की मांग हो रही थी। क्षेत्र में गंगा के रूप में पूजे जाने वाली बेतवा नदी यहां के लोगों के लिए शुरू से ही आस्था का केन्द्र है। बेतवा नदी के किनारे रहने वाले पंडित बालकृष्ण बिदुआ सहित अन्य लोग लंबे समय से अपने स्तर पर बेतवा जी की आरती करते आ रहे है। कुछ समय से प्रशासन भी यहां पर आरती शुरू कराने की बात कह रहा था। वहीं अभी हाल ही में वाणिज्यकर मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने भी बेतवा जी की आरती प्रारंभ कराने की बात कहीं थी।
शुरू हुई आरती: लोगों की अच्छा के अनुरूप एवं पर्यटन को देखते हुए, पर्यटन विकास निगम ने बेतवा जी की आरती प्रारंभ करा दी है। पर्यटन विकास निगम के प्रबंधक संजय मल्होत्रा ने अपने कर्मचारियों एवं श्रद्धालुओं के साथ ही बेतवा जी की आरती का कार्यक्रम शुरू करा दिया है। उनका कहना है कि जल्द ही प्रशासन की मदद से अब इसे वृहद रूप दिया जाएगा। इसे गंगा जी की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए घाट के पास बाकायदा चौकी बनाकर विधि-विधान से किया जाएगा। उनका कहना है कि इसके लिए वह जल्द ही प्रशासन से बात कर पूरी योजना बनाएंगे।
बेतवा का है धार्मिक महात्व: बेतवा नदी को धार्मिक महात्व की नदी माना जाता है। बेतवा नदी के धार्मिक महात्व का वर्णन कई बड़े संत भी कर चुके है। मलूकपीठाधीश्वर देवाचार्य राजेन्द्रदास महाराज इसका धार्मिक महात्व बताते हुए इसे वेत्रवंती गंगा की उपमा दे चुके है। वहीं दो वर्ष पूर्व ओरछा में सद्गुरू गणेशदास जी भक्तमाली के जन्मशताब्दी वर्ष पर रामकथा करने आए मुरारी बापू ने भी बेतवा जी के महत्व को प्रतिपादित किया है।