
रबी का सीजन शुरू, डीएपी खाद के लिए सोसायटी और विपणन का किसान लगा चक्कर
टीकमगढ़. कृषि विभाग ने रबी सीजन का २ लाख ३१ हजार ८०० हेक्टेयर का रकबा स्वीकृत कर लिया है, लेकिन डीएपी खाद खत्म हो गई है। उसकी जगह एनपीके, २०२००१३ और यूरिया खाद वितरण किया जा रहा है। जबकि किसान एक साथ सरसों, चना, मटर और गेहूं बोवाई में खाद का स्टॉक करने के उद्देश्य से है। खाद नहीं मिलने से निजी और उप्र की दुकानों से खरीदने पहुंच रहा है। जिससे उन्हें आर्थिक क्षति पहुंच रही है।
किसान मातादीन राजपूत, रामचरण यादव ने बताया कि रबी सीजन की बोवनी के समय किसान बड़ी मात्रा में डीएपी खाद का उपयोग करते है और इससे डीएपी की ज्यादा मांग रहती है। लेकिन इन दिनों जिले में डीएपी नहीं है। ऐसे में किसान सोसायटी, विपणन केंद्र के लगा रहे है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों ने दो बार डीएपी खाद की मांग के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा है। बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है।
डीएपी में 2 और एनपीके में 3 जरूरी तत्व है शामिल
अधिकारियों ने बताया कि डीएपी में सिर्फ नाइट्रोजन व फ ास्फ ोरस होता है, जबकि एनपीके 123216 में नाइट्रोजन, फ ास्फ ोरस व पीटाश होता है। वहीं 2020013 में नाइट्रोजन फ ास्फोरस व सल्फ र होता है। पोटाश से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है व पौधों की वृद्धि में बढ़ावा मिलता है और पौधों में नाइट्रोजन यह संतुलन बना रहता है। इसका दाना मजबूत व चमकदार होता है। सल्फ र पौधों में क्लोरोफि ल के निर्माण के लिए जरूरी है। इससे पौधों में हरा पन आता है। फ सल को सिर्फ नाइट्रोजनय फ ास्फ ोरस ही नहीं, पोटाश व सल्फ र की भी जरूरत होती है।
खाद के लिए फिर से संकट हो गया शुरू
किसान रामस्वरूप यादव, कमलेश कुशवाहा और दमोदर यादव ने बताया कि सरसों और चना की बोवाई शुरू होने वाली है। उसके लिए खाद का होना जरूरी है। डीएपी खाद के लिए सोमवार से चक्कर काट रहे है, लेकिन खाद नहीं मिल पाई है। किसानों का कहना था कि खाद का संकट फिर से छा गया है। इससे किसानों को डबल दामों में खरीदना पड़ेगा।
फैक्ट फाइल
८० सोसायटी दोनों जिले में
२०० लाइसेंसी खाद की दुकानें
६० लाइसेंस दुकानें बेच रही खाद
२०० बीज की दुकानें
८० दुकाने बेच रही बीज
१ लाख ७१ हजार जिले में किसानों की संख्या
२ लाख ३१ हजार ८०० हेक्टेयर रबी सीजन का रकबा
खाद का स्टॉक
खाद का नाम स्टॉक रुपए
डीएपी नहीं है १३५० रुपए बोरी
यूरिया ५०० मीट्रिक टन २६६.५० रुपए बोरी
एनपीके १०० मीट्रिक टन १२०० रुपए बोरी
२०२००१३ १५० मीट्रिक टन १२०० रुपए बोरी
इनका कहना
केंद्र पर अभी खाद रखा हुआ है और एक हजार मीट्रिक टन सभी खाद आने वाली है। रबी सीजन बोवाई की पूर्ति के लिए मांग की जाएगी। किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
अनिल कुमार नरबरे,डीएमओ जिला विपणन संघ टीकमगढ़।