मत्स्योध्योग सहकारी समिति टीकमगढ़ की डायरेक्टर एवं कांग्रेस नेता मीना रैकवार लक्ष्मण रैकवार के निवास पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने छापेमारी की
टीकमगढ़. मत्स्योध्योग सहकारी समिति टीकमगढ़ की डायरेक्टर एवं कांग्रेस नेता मीना रैकवार लक्ष्मण रैकवार के निवास पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने छापेमारी की। यहां पर आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले है। सागर-जबलपुर की संयुक्त टीम ने यह छापेमारी की है।
जांच करने आई टीम में शामिल ईओडब्ल्यू सागर के उप निरीक्षक चंद्रजीत यादव ने बताया कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर मीना रैकवार लगभग 22 वर्षों से मतस्योध्योग सहकारी समिति महेंद्र सागर तालाब टीकमगढ़ की डायरेक्टर है। समिति के सदस्यों में लाभांश बराबर बांटा जाता है। इस अवधि में इन्हें तथा इनके परिजन को अधिकतम साढ़े बारह लाख रुपए की आय इससे प्राप्त हुई है, जबकि इसी अवधि में इनके द्वारा लगभग एक करोड़ 95 लाख रुपए की अचल सम्पत्ति और वाहन क्रय करने में व्यय करना पाया गया । जांच पर आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए जाने पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर के द्वारा की जा रही है। विवेचना के दौरान आरोपी की अचल सम्पत्ति कृषि भूमि भू खंड क्रय करने, ज़ेवर व वाहन क्रय करने, बैंक लाकर बैंक बीमा आदि में निवेश सहित आरोपी द्वारा अर्जित सम्पत्ति के सम्बंध में साक्ष्य जुटाने के लिए सागर और जबलपुर की टीम द्वारा न्यायालय से तलाशी की अनुमति लेकर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई लगातारजारी है।
विदित हो कि लक्ष्मण रैकवार की पत्नी मीना रैकवार पिछले नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की ओर से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ी थी और हार गई थी। इसके बाद उनके पति लक्ष्मण ने भाजपा की नपाध्यक्ष लक्ष्मी गिरि के जाति प्रमाण-पत्र को न्यायालय में चुनौती दे थी। हाल ही में लक्ष्मण रैकवार द्वारा महेन्द्र सागर तालाब में किए गए मुरम के अवैध खनन को लेकर एनजीटी से शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद तालाब के खनन की जांच शुरू हो गई है। ऐसे में लक्ष्मण रैकवार के परिजन एवं कांग्रेसी इस कार्रवाई को राजनैतिक बता रहे है।