बुन्देलखण्ड महोत्सव में भागवत कथा
ओरछा.सत्संग से व्यक्ति के हृदय में बदलाव आता है। सत्संग से व्यक्ति के हृदय में चिंतन, शांति, धैर्य एवं संयम प्रकट होता है। यह बात बुन्देलखण्ड महोत्सव में पधारे रावतपुरा सरकार ने कहीं। उन्होंने कथा श्रवण कर रहे लोगों को सत्संग का महात्व बताया।
समीपस्थ ग्राम जिजौरा में चल रहे बुंदेलखण्ड महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को रावतपुरा सरकार रविशंकर महाराज कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंनेक हा कि सांसारिक प्राणी अपने जीवन मे सत्संग का अनुसरण करते हुए क्षमाशील बने। जीवन मे सद्कर्म करें। अच्छे कर्म करने वाले लोगों को उनके जाने के बाद भी याद किया जाता है। महापुरुषों के आचरण से प्रेरणा लेकर समाज मे सदाचरण करे। वेद पाठ, यज्ञ, भागवत जैसे पुनीत धार्मिक कार्य करने का अवसर सांसारिक प्राणी को कई जन्मों के अच्छे कर्म करने के बाद प्राप्त होता है। इस तरह के धार्मिक कार्य करने वाले परिवार एवं लोग सौभाग्यशाली होते है। उन पर सदैव ईश्वर की कृपा बनी रहती है। इसके पूर्व रविशंकर महाराज के जिजौरा पहुंचे पर आयोजक अमित राय, सत्यप्रकाश राय, प्रेमचन्द राय ने महाराज का स्वागत कर सम्मान किया।
राम जन्म पर झूमे श्रोता: वहीं श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करते हुए पं रमाकांत व्यास ने प्रह्लाद चरित्र,गजेंद्र उपारत्यान, समुद्र मंथन, वामन चरित्र के साथ श्रीरामजन्म की कथा सुनाई। श्रीराम जन्म की कथा पर गाए गए बधाई गीतों पर श्रोताओं ने जमकर नृत्य किया। वहीं रमाकांत व्यास ने कहा कि सांसरिक व्यक्ति को प्रभु श्रीराम की तरह आचरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीराम की आराधना के बिना व्यक्ति का जीवन व्यर्थ है।
वहीं उन्होंने विस्तार से भगवान राम एवं चारों भाईयों के अवतरण की कथा कहीं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सांसद चन्द्रपाल यादव, भाजपा के भोपाल के संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी, वीरेंद्र राय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।