टीकमगढ़

लेटर ऑफिर देने के बाद नहीं मिल रहा रोजगार

ऑफ र लेटर की शर्तों से अलग कराते कामए काम अधिक कम वेतन से वापस लौट आते है युवा

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May 13, 2024
ऑफ र लेटर की शर्तों से अलग कराते कामए काम अधिक कम वेतन से वापस लौट आते है युवा

जिले में बेरोजगारों की बढ़ गई संख्या

टीकमगढ. रोजगार कार्यालय द्वारा तीन वर्षों में 25 रोजगार मेला लगाए गए। उनमें आई कंपनियों ने 3671 युवाओं को ऑफ र लेटर दिए, लेकिन उन्हें ऑफ र लेटर देकर भूल गई। वहीं बेरोजगारों की संख्या 65 हजार से अधिक पार कर चुकी है। लेकिन रोजगार कार्यालय का आंकड़ा अलग ही गणित बता रहा है। इस आंकड़े बाजी की इंट्री और रोजगार मेला की खानापूर्ति ही बेरोजगारी का मुख्य कारण बनता जा रहा है।
बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के मामले में सरकार ने भले ही दावे किए हो। वहीं स्वरोजगार के साथ कई तरह की योजनाएं संचालित कर रोजगार देने में सफ लता मिली हो। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही व्यां करती है। वर्तमान समय में बेरोजगारों की संख्या रोजगार कार्यालय की 41 हजार के करीब है और पोर्टल से मिलाकर देखी जाए तो 65 हजार से कम नहीं है। वहीं पोर्टल पर बेरोजगारों की पंजीयन संख्या बढ़ रही है। हालात यह है कि लगने वाले रोजगार मेले भी पूरी तरह से फेल साबित होते है। कंपनियां आती है, लेकिन अनुबंध के बाद युवाओं को ज्वाइन लेटर देना भूल जाती है। अगर ज्वाइन देती भी है तो मेले में अलग शर्तें और कंपनियों में अलग शर्तें बताई जाती है।
इस वर्ष 8 लगाए गए रोजगार मेला
पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. राजेश सैनी ने बताया कि पीजी कॉलेज में दो रोजगार मेला लगाए गए है। पहला 24 अगस्त को लगाया गया था। जिसमें 800 युवाओं को विभिन्न कंपनियों से ऑफ र लेटर दिया था। फि र 13 जनवरी को लगाया गया था। उसमें 305 युवाओं को ऑ फर लेटर मिला था। उसमें 10 फ ीसदी युवा वापस आ गए है। उन्होंने बताया कि मेले में कुछ और शर्तें बताते है और कंपनियों में कुछ अलग शर्तें बताते है।

कंपनियों में पहुंचते ही बढा़ देते काम के घंटे
रोजगार कार्यालय द्वारा समय-समय पर रोजगार मेले लगाए जाते है। जहां पर हजारों की संख्या में बेरोजगार पहुंचते हैं। उन्हें नौकरी देने के लिए दिल्ली, गुजरात, लखनऊ, महाराष्ट, आंध्रप्रदेश, नोएडा, गुडगांव, चंडीगढ़, भोपाल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, इंदौर सहित अन्य राज्यों से कंपनियां आती है। कुछ युवाओं का चयन भी करती है। लेकिन जब वे नौकरी करने जाते हैं तो उनसे कम वेतन में अधिक काम लिया जाता है। इतना ही नहीं कंपनियां उन्हें प्रता?ित भी करने लगती है। यही वजह है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में युवा लौट आते हैं। महाराजपुरा के संतोष यादव ने बताया कि मेरा भी रोजगार मेले में नोयडा की मदरसन कंपनी और गुडगांव की मारुत कंपनी में चयन हो गया था। काम करने के लिए गया थाए लेकिन शर्तें ऑफ र लेटर के अनुसार नहीं थी। जिसके कारण वासप लौट आए थे। वहीं अजनौर निवासी अमर सिंह राजपूत और ग्यानेंद्र मिश्रा ने बताया कि एसआई सुरक्षा गार्ड की कंपनी टीकमगढ़ आई थी। उसमें मेरा चयन हो गया था। प्रवेश की फ ीस 300 रुपए ले लिए थे। फि र 8 हजार रुपए की और मांग करने लगे। वहां सुरक्षा गार्ड में 12 से 14 हजार रुपए वेतन देने की बात कर रहे थे।

फैक्ट फ ाइल
52741-बेरोजगारों के पंजीयन जिला रोजगार कार्यालय में
वर्ष 2021-22
8- लगाए गए रोजगार मेल
2097- बेरोजगारों को दिया गया ऑफ र लेटर

वर्ष 2022-23
9 - लगाए गए रोजगार मेल
874 बेरोजगारों को दिया गया ऑफ र लेटर

वर्ष 2023-24
65000 - हजार के करीब बेरोजगारों की संख्या
8 -लगाए गए रोजगार मेला
700- बेरोजगारों को दिया गया ऑफर लेटर
इस वर्ष 8 रोजगार मेला लगाए गए है। लगभग 40 हजार के करीब बेरोजगार के पंजीयन है। मेले में जो कंपनियां बुलाई गई थी। उनके द्वारा ऑ फर लेटर भी दिए गए। अब यह जानकारी नहीं कि कितने गए और कितने वापस आ गए है।
आरके सैनी, जिला रोजगार कार्यालय टीकमगढ़।

Published on:
13 May 2024 12:05 pm
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