देवली. शहर में मंगलवार को घर से गुम हुए 7 वर्षीय बालक को उसके परिजनों से मिलाने में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देवली. शहर में मंगलवार को घर से गुम हुए 7 वर्षीय बालक को उसके परिजनों से मिलाने में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान बालक को हनुमाननगर पुलिस ने दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि उक्त बालक सुबह अजमेर-कोटा बायपास स्थित एक होटल पर मिला। यहां बालक के साथ कोई नहीं था। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा बालक को थाने ले आई।
पुलिस ने बताया कि बालक से उसका नाम व उसके पिता के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया, लेकिन बालक घबराए हुए होने से कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसे में पुलिस ने उक्त बालक का फोटो सोशल मीडिया पर डाला। लोगों ने भी उस फोटो को अन्य ग्रुपों में फारवर्ड किया। दोपहर बाद शहर के खटीक मोहल्ला निवासी व बालक के पिता मुकेश रैगर को मामले की जानकारी लगी। बेटे की लापता होने की फोटो देखकर घबराए परिजन हनुमाननगर पुलिस पहुंचे।
वहां अपने बेटे को देखकर परिजनों उससे लिपटकर रो पड़े। इस प्रयास पर परिजनों ने पुलिस व लोगों आभार व्यक्त किया। बालक के पिता मुकेश ने बताया कि उसका पुत्र गणेश रोड स्थित आंगनबाड़ी में पढऩे जाता है। मंगलवार सुबह घर से खेलते-खेलते निकल गया था। जबकि परिजन पुत्र को आंगनबाड़ी में मौजूद होना मान रहे थे।
शराब ठेके की दुकान हटाने की मांग
मालपुरा. उपखण्ड की पंचायत लावा के हजारीपुरा ढाणी गांव में कब्रिस्तान के पास एक खातेदारी की भूमि में लगे शराब ठेके की दुकान को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी शंकरलाल सैनी को ज्ञापन सौंपा। पार्षद मरगूब अहमद व शहर कांगे्रस अध्यक्ष इश्हाक नकवी के नेतृत्व में इकबाल, जाकिर खाल, मोहम्मद रफीक, रियाज रंगरेज, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद आरिफ, जलालुद्दीन, अमजद, शाहिद सहित अन्य ग्रामीणों का प्रतिनिधि मालपुरा स्थित उपखण्ड अधिकारी निवास पर पहुंच एसडीएम शंकरलाल सैनी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अवगत कराया गया कि लावा के सार्वजनिक कब्रिस्तान मुख्य टोंक रोड पर हजारीपुरा ढाणी के पास स्थित है। कब्रिस्तान के पास ही एक खातेदार ने शराब के ठेके के लिए जमीन दी दी। इससे कबिस्तान के पास समाजकंटकों का जमावड़ा रहने लगा। शराब की दुकान लगने से मुस्लिम समाज के लोगो में आक्रोश व्याप्त है। सार्वजनिक कब्रिस्तान के पास ही शराब का ठेका खुलने से कब्रिस्तान आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मुस्लिम समाज के सार्वजनिक कब्रिस्तान के पास स्थित खातेदारी की जमीन में बनी दुकानों में खुले शराब के ठेके की दुकान को बन्द करवा कर समाज में व्याप्त आक्रोश को समाप्त किया जाए।