
सड़क निर्माण को लेकर सीमांकन दौरान जमा किसानों की भीड़। फोटो: पत्रिका
टोंक/टोडारायसिंह। स्टेट हाईवे-37 (मालपुरा-टोडारायसिंह) लिंक रोड के निर्माण के दौरान सीमांकन को लेकर पिछले दिनों उपजे विवाद का मंगलवार को समाधान हो गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने सीमाज्ञान करवा दिया। हालांकि किसानों ने खेतों के किनारों से मिट्टी खुदाई का विरोध जारी रखते हुए ठेकेदार को ऐसा नहीं करने की हिदायत दी है।
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से आरामपुरा चौराहे से पन्द्राहेड़ा तक सड़क निर्माण कार्य के तहत मध्य रेखा से दोनों ओर 9-9 मीटर चौड़ाई बढ़ाने के लिए मिट्टी कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान सीमांकन को लेकर ग्रामीण खातेदारों के दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे।
विवाद के दौरान तीखी नोकझोंक के साथ स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई, जिससे विभागीय टीम को लौटना पड़ा था। बाद में ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट सीमाज्ञान, मुआवजा प्राप्त भूमि व सरकारी भूमि को शामिल कर ही कार्य आगे बढ़ाने तथा खेतों से मिट्टी खुदाई नहीं करने की मांग की थी।
मंगलवार को पीडब्ल्यूडी सहायक अभियंता रोशन मीणा, गिरदावर गोकुल बैरवा, पटवारी विजेंद्र सिंह, कालूराम कोठारी एवं मनराज चौधरी सहित राजस्व टीम मौके पर पहुंची और और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सीमाज्ञान की प्रक्रिया पूरी कराई, जिससे किसानों में संतोष देखा गया।
इसके बावजूद किसानों ने साफ किया कि निर्माण के दौरान खेतों के किनारों से मिट्टी नहीं उठाई जाए, अन्यथा कार्य को पुन: रुकवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के तहत गुर्जर की थड़ी से रीण्डल्या-बावड़ी वाया पन्द्राहेड़ा तथा आरामपुरा चौराहे से पन्द्राहेड़ा तक करीब 7.5 मीटर चौड़ाई में सड़क निर्माण होना है। इसके लिए 47.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण पूर्ण होने पर मालपुरा व टोडारायसिंह क्षेत्र की एक दर्जन पंचायतों के गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क सुदृढ़ होगा।
इधर, लंबे समय से अवरोधों से जूझ रहे गुंसी-लुहारा सड़क मार्ग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने अभियान चलाकर करीब तीन किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर दिया, जिससे अब राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का रास्ता मिल गया है। सहायक अभियंता राजशेखर गोस्वामी ने बताया कि मार्ग पर कई स्थानों पर बिलायती बबूल की फैली टहनियां सड़क तक आ पहुंची थीं, जिससे रास्ता संकरा हो गया था।
इसके अलावा जगह-जगह क्षतिग्रस्त फुटपाथ और ग्रामीणों द्वारा डाली गई रेवड़ियों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। ऐसे हालात में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता था। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने विशेष अभियान चलाया। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क पर फैले अतिक्रमण और झाड़ियों को हटाया गया। साथ ही फुटपाथ में बने गड्ढों को भरकर समतल किया गया, जिससे मार्ग की सुरक्षा और मजबूती दोनों में सुधार हुआ।
Updated on:
22 Apr 2026 12:11 pm
Published on:
22 Apr 2026 12:10 pm
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