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Rajasthan: दिन में मैकेनिक रात में शातिर चोर, लग्जरी कारों को हैक कर मिनटों में करता था गायब, 4 साल बाद गिरफ्तार

राजस्थान की टोंक पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जो लग्जरी कारों को हैक करके मिनटों में गायब कर देता था। हैरानी की बात यह है कि वह कार मैकेनिक भी है। पिछले 4 सालों से पुलिस शातिर चोर की तलाश कर रही थी। आखिरकार जयपुर से आरोपी उदय सिंह मीना गिरफ्तार हुआ।
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टोंक

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Kamal Mishra

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Updated: 6 Jun 2026, 4:35 PM IST

tonk car Theft

गिरफ्तार आरोपी उदय सिंह मीना (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

टोंक। दिन में मैकेनिक और रात में लग्जरी कारों का शिकारी, नाम बदला, हुलिया बदला, ठिकाने बदले और चार साल तक पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन आखिरकार निवाई पुलिस के जाल से बच नहीं सका। ओबीडी पोर्ट हैकिंग तकनीक से महंगी कारें चुराने वाले छह हजार रुपए के इनामी शातिर वाहन चोर उदय सिंह मीना उर्फ संजय मीना को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी वर्ष 2022 में निवाई से चोरी हुई एक कार के मामले में वांछित था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की हर कोशिश को नाकाम कर रहा था। गिरफ्तारी नहीं होने पर उस पर छह हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

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गैराज से पकड़ा गया शातिर

निवाई थानाधिकारी घासीराम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के आदेशों तथा पुलिस उपाधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा के निर्देशन में थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कई जिलों में महीनों तक उसका पीछा किया। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी लोकेशन जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में वाटिका रोड स्थित एक गैराज में मिली।

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस

पुलिस टीम सीधे कार्रवाई करने के बजाय ग्राहक बनकर गैराज में पहुंची। टीम के सदस्यों ने कार मरम्मत कराने वाले ग्राहकों का रूप धारण किया और भीतर प्रवेश किया। जैसे ही आरोपी की पहचान पक्की हुई, पुलिस ने उसे घेरकर दबोच लिया। अचानक हुई कार्रवाई से आरोपी संभल भी नहीं पाया।

संगठित वाहन चोर गिरोह से जुड़ा

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित वाहन चोर गिरोह से जुड़ा हुआ है। गिरोह के सदस्य लग्जरी कार में विभिन्न शहरों में पहुंचकर पहले संभावित वाहनों की रेकी करते थे। चोरी से पहले आसपास के सीसीटीवी कैमरों, रास्तों और निगरानी व्यवस्था को देखता था तथा वारदात के दौरान मोबाइल फोन साथ नहीं रखता था जिससे पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।

तकनीक से देता था वारदात को अंजाम

थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कारें चुराता था। पुलिस ने बताया कि चोरी के बाद वाहन को ऐसे मार्गों से ले जाया जाता था जहां निगरानी कम हो। सीसीटीवी कैमरों और टोल प्लाजा से बचते हुए कारों को दूसरे जिलों तक पहुंचाया जाता था और बाद में उन्हें कम कीमत पर बेच दिया जाता था। प्रारंभिक जांच में आरोपी के खिलाफ जयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में वाहन चोरी के कई मामले सामने आए हैं।

पुलिस ने बताया कि 20 अप्रेल 2022 को इंदिरा कॉलोनी निवासी विजय रामनानी के घर के बाहर खड़ी वर्ष 2019 मॉडल की कार चोरी हो गई थी। मामले में निवाई थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।