
Panther Attack in Tonk Rajasthan
राजस्थान में टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब पास की पहाड़ियों से निकलकर एक खूंखार पैंथर सीधे घनी आबादी वाले मुख्य बाजार में आ घुसा। कस्बे के व्यस्त इलाके में स्थित एक शराब की दुकान में अचानक पैंथर के घुसने से वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। दुकान के भीतर मौजूद सेल्समैन पर पैंथर ने हमला कर दिया, लेकिन इस खौफनाक मंजर के बीच सेल्समैन ने गजब के साहस, हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया। शरीर पर पैंथर के हमले से घायल होने के बावजूद सेल्समैन किसी तरह दुकान से बाहर निकला और तुरंत शटर नीचे गिराकर पैंथर को दुकान के अंदर ही बंद कर दिया। इस बहादुरी भरे कदम से एक बड़ा हादसा टल गया और बाजार में मौजूद सैकड़ों अन्य नागरिकों की जान बच गई।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह पूरी घटना सुबह की है। पहाड़ियों से नीचे आते ही जब आसपास के लोगों ने पैंथर को देखा तो वे डर के मारे चिल्लाने लगे। लोगों के शोर-शराबे और चिल्लाने की आवाज से पैंथर घबरा गया और जंगल की तरफ वापस जाने के बजाय सीधे टोडारायसिंह कस्बे के घनी आबादी वाले मुख्य बाजार की तरफ भाग खड़ा हुआ।
पैंथर को बाजार की सड़कों पर दौड़ते देख वहां मौजूद दुकानदारों और राहगीरों में चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए आसपास की दुकानों और मकानों की तरफ भागे।
भागते हुए पैंथर सीधे एसबीआई बैंक के पास बनी एक शराब की दुकान में जा घुसा, जहां दुकान का सेल्समैन और अन्य कर्मचारी अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी पर मौजूद थे। दुकान के अंदर दाखिल होते ही पैंथर ने सेल्समैन पर हमला कर दिया।
इस हमले में सेल्समैन के शरीर पर गहरे जख्म आए।लहूलुहान होने के बावजूद सेल्समैन ने अपना आपा नहीं खोया। उसने तुरंत जान जोखिम में डालते हुए बाहर का रास्ता पकड़ा और फुर्ती से दुकान का लोहे का शटर गिरा दिया। इस तरह पैंथर दुकान के भीतर ही कैद हो गया और बाहर नहीं निकल पाया।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए घायल सेल्समैन और कर्मचारियों को टोडारायसिंह के उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही टोडारायसिंह थाना, मोर थाना पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए पुलिस ने शराब की दुकान के आसपास के पूरे 500 मीटर के दायरे और मुख्य बाजार को खाली करवा दिया। इलाके में बैरिकेडिंग लगाकर आम जनता की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है।
टोंक और टोडारायसिंह की स्थानीय वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं, लेकिन पैंथर को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज करके बाहर निकालने के लिए जयपुर से वन्यजीव विशेषज्ञों की स्पेशल रेस्क्यू टीम को तत्काल मैसेज भेजकर बुलाया गया।
जयपुर से पहुंचे डॉ. अशोक तंवर ने आखिरकार दुकान में बंद पैंथर को ट्रेंकुलाइज किया। इस दौरान टोंक DFO वीरेंद्र कृष्णिया भी मौजूद रहे। इनके अलावा इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायक वनपाल कृष्ण कुमार मीणा, बीसलपुर कंजर्वेशन रिजर्व से सूर्य देव सिंह, अमरचंद जाट, सुनील चौधरी रहे शामिल रहे। लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित टोंक रेंज ले जाया गया। उच्च अधिकारियों से परामर्श के बाद पैंथर को रिलीज किया जाएगा।
टोडारायसिंह कस्बे के मध्य में स्थित दुकान में पैंथर के कैद होने की खबर आग की तरह पूरे टोंक जिले में फैल गई, जिसके बाद मौके पर हजारों की संख्या में उत्सुक और डरे हुए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आसपास की पहाड़ियों में घने जंगल होने के कारण अक्सर पानी और शिकार की तलाश में खूंखार पैंथर्स और अन्य वन्यजीव आबादी वाले इलाकों का रुख कर लेते हैं।
आम सागर पहाड़ी से सटे इलाकों में पहले भी पैंथर देखे जाने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन मुख्य बाजार और बैंक जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर पैंथर के आने का यह पहला बेहद खौफनाक मामला है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से अपने घरों में रहने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए।
Updated on:
20 Jul 2026 03:45 pm
Published on:
20 Jul 2026 12:36 pm
