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राजस्थान में IOCL पाइपलाइन से तेल चोरी की बड़ी साजिश नाकाम, गहरा गड्ढा खोदकर बिछाई 40 फीट लंबी पाइप

IOCL Pipeline Oil Theft: टोंक के पचेवर में आईओसीएल पाइपलाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। बदमाशों ने 8-10 फीट गड्ढा खोदकर पाइपलाइन में वाल्व लगाया और 40 फीट लंबी पाइप जोड़ दी। पुलिस को संगठित गिरोह पर शक है।
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टोंक

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Arvind Rao

Jul 09, 2026

Tonk IOCL Pipeline Oil Theft

पचेवर क्षेत्र में घटना स्थल पर पहुंचे अधिकारी जांच करते हुए (पत्रिका फोटो)

Tonk IOCL Pipeline Oil Theft: पचेवर (टोंक): टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की मुख्य पाइपलाइन में सेंध लगाकर कच्चे तेल की चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने बेहद शातिराना और सुनियोजित तरीके से एक खेत से गुजर रही इस पाइपलाइन में ड्रिल मशीन से छेद किया, उसमें वाल्व फिट किया और फिर करीब 40 फीट लंबी सहायक पाइपलाइन बिछाकर तेल चुराने का प्रयास किया।

मामले की भनक लगते ही तेल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी मैकेनिकों का दल तुरंत मौके पर पहुंचा तथा प्रभावित पाइपलाइन की तकनीकी मरम्मत व जांच शुरू की। वहीं, सूचना पाकर पचेवर थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का मुआयना कर पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, पचेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लड़ी से डेठानी रोड स्थित हरजीलाल बेरवा पुत्र लादूलाल बेरवा के कृषि भूमि से होकर आईओसीएल की यह पाइपलाइन गुजर रही है। शातिर चोरों ने इसी लाइन को निशाना बनाते हुए पहले गहरी खुदाई की, फिर ड्रिल मशीन के जरिए मुख्य पाइपलाइन में सुराख कर उसमें एक विशेष प्रकार का वाल्व लगा दिया और करीब 40 फीट लंबी अतिरिक्त पाइपलाइन जोड़ दी।

बड़े पैमाने पर तेल चोरी का था प्लान

प्रारंभिक जांच के आधार पर यह माना जा रहा है कि यह पूरा अवैध ढांचा बड़े पैमाने पर तेल चोरी को अंजाम देने के मकसद से तैयार किया गया था। इस गंभीर गड़बड़ी का अलर्ट मिलते ही तेल कंपनी के इंजीनियर, मैकेनिक और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ बुधवार को मौके पर पहुंचे।

टीम ने पूरी पाइपलाइन की सघन जांच कर लीकेज के मुख्य स्रोत को ढूंढ निकाला। इसके बाद समूचे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी लिखित सूचना दी।

खेत मालिक से भी की गई पूछताछ

सूचना मिलते ही पचेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित खेत मालिक हरजीलाल बेरवा से सघन पूछताछ की। पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि खेत में इतनी बड़ी खुदाई और समानांतर पाइपलाइन बिछाने जैसी संदिग्ध गतिविधि कब और कैसे हुई तथा क्या इस दौरान किसी अपरिचित व्यक्ति या वाहन की आवाजाही देखी गई थी। हालांकि, खेत मालिक ने इस पूरी अवैध गतिविधि के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया।

घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मालपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी तथा पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों उच्चाधिकारियों ने वारदात स्थल का बारीक निरीक्षण किया तथा पुलिस व तेल कंपनी के अधिकारियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ कर महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया गया।

पुलिस ने क्या बताया

मालपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनी की शिकायत पर पचेवर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच से यह साफ प्रतीत होता है कि इस पूरी वारदात को किसी अंतरराज्यीय या तकनीकी रूप से सक्षम संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है। पूरे मामले के पर्दाफाश के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की जाएगी, जो तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सरगर्मी से तलाश करेगी।

8-10 फीट गहरा गड्ढा खोद पाइपलाइन तक पहुंच बनाई

इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाशों ने करीब 8 से 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर मुख्य पाइपलाइन तक अपनी पहुंच बनाई, उसमें वाल्व कसा और लगभग 40 फीट लंबी पाइपलाइन भी दबा दी। इतनी बड़ी हलचल और खुदाई होने के बावजूद स्थानीय खेत मालिक को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस चूक ने आईओसीएल की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली पाइपलाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या बोले पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारी

पेट्रोलियम कंपनी के स्थानीय अधिकारी उमाशंकर ने बताया कि इस पाइपलाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन लगभग 12 किलोमीटर के दायरे की कड़ी निगरानी की जाती है। इसके लिए बाकायदा सुरक्षा गार्ड सुखलाल जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से लैस होकर पाइपलाइन रूट पर पैदल गश्त करता है। इसके अतिरिक्त, मोटरसाइकिल दस्तों द्वारा भी नियमित पेट्रोलिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जाती है। इसके बावजूद सुरक्षा घेरे को तोड़कर इतनी बड़ी सेंधमारी हो जाना सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता और सतर्कता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

क्या बोले स्थानीय लोग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध और खतरनाक कनेक्शन का पता नहीं चलता, तो न केवल बड़ी मात्रा में राष्ट्रीय संपदा (पेट्रोलियम उत्पाद) की चोरी होती, बल्कि उच्च दबाव वाली पाइपलाइन से रिसाव होने की स्थिति में भीषण आग लगने या कोई बड़ा जनहानि वाला हादसा होने की आशंका भी बनी रहती। इसलिए इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजना बेहद आवश्यक है।

फिलहाल, पुलिस मौके से बरामद तकनीकी उपकरणों, खुदाई के पैटर्न तथा अन्य वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। वहीं, पेट्रोलियम कंपनी भी अपने स्तर पर सुरक्षा खामियों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रही है। पुलिस का मानना है कि वारदात को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी पाइपलाइन नेटवर्क की गहरी तकनीकी समझ रखने वाले पेशेवर एक्सपर्ट हो सकते हैं। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे नेक्सस का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।