उदयपुर

दुख की घड़ी में मानव सेवा की मिसाल, शरद बाफना का नेत्रदान

Aug 10, 2026
Rajasthan

तेरापंथ युवक परिषद कांकरोली की तत्परता से हुआ नेत्रदान, दो से चार लोगों के जीवन में रोशनी की उम्मीद

राजसमंद. दुख की घड़ी में भी मानव सेवा का संकल्प निभाते हुए 52 वर्षीय शरद बाफना के निधन के बाद उनके परिवार ने नेत्रदान का पुनीत कार्य करवाया। तेरापंथ युवक परिषद कांकरोली की तत्परता और परिवार की सहमति से शुक्रवार को नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। तेरापंथ युवक परिषद कांकरोली के मंत्री हर्षल जी कोठारी ने बताया कि नंदलाल जी बाफना के सुपुत्र शरद बाफना का आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार ने इस कठिन समय में संवेदनशीलता और जागरूकता का परिचय देते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में नेत्रदान प्रभारी संयोजक अतुल दक, तेरापंथी सभा सहमंत्री सूरज रातड़िया, आई बैंक सोसाइटी उदयपुर के मेवाड़ प्रभारी सूरज पोरवाल, आई बैंक सोसाइटी संयोजक भूपेश खमेसरा एवं एमबी हॉस्पिटल के टेक्नीशियन नवीन जीनगर के सहयोग से नेत्रदान संभव हुआ। इस पुनीत कार्य के लिए अभातेयुप के राजीव सुराणा एवं शरद कोठारी की विशेष प्रेरणा रही। तेयुप अध्यक्ष नितिन जी आचंलीया ने बताया कि मृत्यु के आठ घंटे के भीतर नेत्रदान किया जा सकता है। एक व्यक्ति की दोनों आंखों के दान से कम से कम दो और अधिकतम चार जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने आमजन से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

Updated on:
10 Aug 2026 06:00 am
Published on:
10 Aug 2026 06:00 am