
उदयपुर. खाते में पर्याप्त राशि होने के बावजूद तकनीकी खामियों के चलते चेक को दो बार डिसऑनर करते हुए चार्ज काट लेना बैंक को महंगा पड़ा। मामले में बैंकिंग लोकपाल ने उपभोक्ता को बैंक से एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई।
उदयपुर के शिक्षक सुनील मंडोवरा ने बताया कि उन्होंने 10 अक्टूबर 2017 को बच्चों की स्कूल फीस का चेक से भुगतान किया था। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होना बताते हुए बैंक ने 590 रुपए का चार्ज काट लिया। इस संबंध में बैंक से संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्होंने चार्ज काटना सही बताया। दोबारा शिकायत करने पर बिना समाधान के शिकायत बंद कर दी गई। इसके बाद पांच बार कस्टमर केयर व एक बार मेल से शिकायत भेजी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पांच बार बैंक के चक्कर लगाने पर 26 अक्टूबर को बैंक ने तकनीकी खामी बताते हुए काटी गई राशि का भुगतान किया।
इसके बाद पुन: चेक से भुगतान करने पर 31 अक्टूबर को 590 रुपए काट लिए गए। इसकी छह बार शिकायत करने पर भी समाधान नहीं होने पर सुनील ने बैंकिंग लोकपाल को शिकायत भेजकर एक लाख रुपए क्षतिपूर्ति की मांग की थी। इस पर बैंकिंग लोकपाल ने क्षतिपूर्ति राशि दिलाई।
आप भी भेज सकते हैं शिकायत
अगर बैंक बेवजह आपके खाते से राशि काट लेता है, संतोषप्रद जवाब नहीं देता है, उसकी तकनीकी खामियों से आपको नुकसान हो या खाते में पर्याप्त राशि होने के बावजूद चेक डिसऑनर कर बैंक चार्ज काट लेता है तो ऐसे समय में बैंकिंग लोकपाल को शिकायत की जा सकती है। बैंक की तकनीकी खामियों या अन्य कारणों से आपको शारीरिक, मानसिक या आर्थिक नुकसान होता है तो आप भी बैंकिंग लोकपाल, राजस्थान के नाम से रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया, रामबाग सर्कल, टोंक रोड, जयपुर को अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।