जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिन में दो बार हुए भूस्खलन में उदयपुर के 74 विद्यार्थी और 6 शिक्षक फंस गए, जिन्हें सेना ने रेस्क्यू किया। ग्रुप में लॉ कॉलेज के छात्र और शिक्षक शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिन में दो बार हुए भूस्खलन में उदयपुर के 74 विद्यार्थी और 6 शिक्षक फंस गए, जिन्हें सेना ने रेस्क्यू किया। ग्रुप में लॉ कॉलेज के छात्र और शिक्षक शामिल थे। बीते दो दिन में दो बार उन्होंने भूस्खलन का सामना किया। ऐसे में उन्हें एक मकान और आर्मी कैम्प में दो रातें गुजारनी पड़ी।
मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज का एक ग्रुप 12 फरवरी को जम्मू कश्मीर घूमने के लिए निकला था। दल श्रीनगर, गुलमर्ग घूमकर वापस लौट रहा था कि बर्फीले तूफान और भूस्खलन का सामना करना पड़ा। जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ तो फंस गए। ऐसे में काजीकुंड के पास एक मकान में शरण लेनी पड़ी। यहां तापमान माइनस में था और सभी ठिठुर रहे थे।
ऐसे में सेना से मदद मिली और ब्लेंकेट उपलब्ध कराए। यहां से विद्यार्थियों का दल आगे बढ़ा ही था कि बुधवार को बनिहाल रामबन के यहां भूस्खलन का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन समस्या बढ़ गई तो फिर सेना ने मदद की। दल को आर्मी कैम्प में रात गुजारनी पड़ी। गुरुवार सुबह होने पर सेना ने ग्रुप को रेस्क्यू कर भूस्खलन वाले क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला।
सेना ने दिए ब्लेंकेट, खाना
विद्यार्थियों के ग्रुप में शामिल शिक्षक पी.डी. नागदा ने बताया कि दो दिन में दो बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों ने पीएम मोदी को टि्वट करके भी मदद मांगी थी। इसके बाद सेना ने उन्हें ठंड से बचाने के लिए ब्लेंकेट और खाना उपलब्ध कराया। स्टूडेंट ने सेना का आभार जताया।
ट्रेन छूटी, दो दिन में लौटेंगे
डॉ. कल्पेश निकावत ने बताया कि उनका यात्रा कार्यक्रम अब दो दिन लेट हो गया है। ऐसे में उन्हें गुरुवार को जम्मू से अजमेर के लिए वापसी ट्रेन पकडऩी थी, लेकिन देरी होने से ट्रेन नहीं पकड़ पाए हैं। गुरुवार देर शाम को दल कटरा के रास्ते पर था। अब वे दो दिन में उदयपुर लौटेंगे।