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Rajasthan: एक लाख रुपए रिश्वत लेते जीपीएफ का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार, डेथ क्लेम पास करने की एवज में मांगे थे डेढ़ लाख

एसीबी इन्टेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने मंगलवार को कार्रवाई कर जीपीएफ के वरिष्ठ सहायक को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डेथ क्लेम पास करने की एवज में डेढ़ लाख रुपए मांगे, जिसमें से एक लाख रुपए लेते पकड़ा गया।

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शेखर मथुरिया। फोटो पत्रिका नेटवर्क

Udaipur ACB Action: उदयपुर। एसीबी इन्टेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने मंगलवार को कार्रवाई कर जीपीएफ के वरिष्ठ सहायक को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डेथ क्लेम पास करने की एवज में डेढ़ लाख रुपए मांगे, जिसमें से एक लाख रुपए लेते पकड़ा गया। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि आरोपी राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ सहायक शेखर मथुरिया को एक लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

एसीबी उदयपुर को शिकायत मिली थी। परिवादी की भांजी झामर कोटाड़ा रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय धामधर में शिक्षिका नीलम चित्तौड़ा की 6 माह पहले मौत हो गई थी। राज्य बीमा का डेथ क्लेम पास करने और कमियों की पूर्ति कर ज्यादा क्लेम राशि पास कराने की एवज में पहले आरोपी ने 7.50 लाख रुपए की मांग की। सोमवार को शिकायत की पुष्टि की गई। आरोपी डेढ़ लाख रुपए रिश्वत राशि लेने पर सहमत हो गया। उसने एक लाख रुपए पहले और 50 हजार रुपए काम के बाद लेने की बात कही। इस पर एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को एक लाख रुपए लेते गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी बोला: 'कमीशन 50 प्रतिशत लगता है'

शिक्षिका के स्टेट इंश्योरेंस की फाइल पहुंचने पर आरोपी शेखर ने उसके बेटे और भाई को कॉल करके दफ्तर बुलाया। वह दफ्तर के बजाय बाहर ही मिला और कार में बैठकर डिमांड करता रहा। आरोपी ने कहा कि क्लेम राशि साढ़े 19 लाख रुपए ही बन रही है। इसमें कुछ कमियां दूर करने पर 34.5 लाख रुपए दिला दूंगा।

ऐसे में 15 लाख रुपए ज्यादा दिलाने पर 50 प्रतिशत राशि यानी साढ़े 7 लाख रुपए लूंगा। दिवंगत शिक्षिका का बेटा उसके सामने गिड़गिड़ाता रहा। कहा कि उसके पिता का निधन पहले ही हो गया और अब मां भी नहीं रही। पर, आरोपी का दिल नहीं पसीजा। आखिर वह डेढ़ लाख रुपए लेने पर ही क्लेम पास कराने पर अड़ गया।

अन्य लोगों की भूमिका की जांच

एसीबी इन्टेलीजेन्स यूनिट प्रभारी डॉ. सोनू शेखावत की टीम ने कार्रवाई की। आरोपी के दफ्तर का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी बार-बार कहता रहा कि 'राशि कम करने के बारे में ऊपर बात करके बताता हूं…'। ऐसे में संदेह है कि आरोपी के साथ उसके उच्चाधिकारी भी शामिल हैं। इसे लेकर एसीबी अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव व महानिरीक्षक एस. परिमाला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है।