
मानवेन्द्र सिंह राठौड़/उदयपुर . डूंगरपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में भाजपा शासन में हुई कर्जमाफी में गड़बडिय़ा सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार फूंक- फूंककर कदम रख रही है ताकि कर्जमाफी में फर्जीवाड़ा नहीं हो सके। सरकार ने ऋणी किसानों के लिए अब नि:शुल्क बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की है। पहले चरण में उदयपुर-राजसमंद में 15 हजार किसानों का डाटा ऋणमाफी पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इसके अलावा एसएमएस के जरिये भी किसानों को सूचित कर दिया गया ताकि सभी को पता चल जाए कि उनके नाम ऋण था। अल्पकालीन फसली ऋण संबंधी जानकारी सही होने पर किसान ई-मित्र पर जाकर निशुल्क बायोमैट्रिक सत्यापन करवाएगा फिर उसे प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
दी उदयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधीन उदयपुर-राजसमंद और प्रतापगढ़ की 286 ग्राम सेवा सहकारी समितियों और लेम्पस में 51 हजार 737 किसानों को ऋण माफी के लिए पात्र माना गया है। इनके करीब 144 करोड़ रुपए माफ होंगे। इधर, भूमि विकास बैंक में कृषि कार्य से लिए गए दीर्घकालिन करीब डेढ़ करोड़ रूपए के ऋण माफ होंगे। बैंक सचिव नानालाल चावला ने बताया कि पहले चरण में 2 लाख तक के अवधिपार ऋण माफ होंगे। इनमें अवधिपार मूल राशि, ब्याज और पैनल्टी को जोडक़र जिस किसान के 2 लाख बकाया है, उसे माफ किया जाएगा।
पहले चरण में 4500 किसानों का ऋण माफ
दी उदयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक डॉ अश्विनी वशिष्ठ ने बताया कि पहले चरण में 4500 किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ जिसमें से 1188 किसानों का 7 करोड़ 60 लाख रुपए के ऋणमाफी प्रमाण पत्र दिए गए। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद उदयपुर, राजसमंद एवं प्रतापगढ़ के धरियावद में 144 करोड़ रुपए के ऋण माफ किए जाने हैं।
दूसरा चरण आज से
वशिष्ठ ने बताया कि ऋणमाफी का दूसरा चरण गुरुवार से शुरू होगा। तीन दिवसीय इस चरण के पहले दिन झाड़ोल के कंथारिया, आमेट के जेतपुरा, नाथद्वारा के कोशीवाड़ा में शिविर लगेंगे। 15 फरवरी को गोगुंदा मुख्यालय पर, सलूम्बर के देवगांव, रेलमगरा के कोटड़ी और कांकरोली के भावा में शिविर लगेंगे। इसी प्रकार 16 फरवरी को खेरवाड़ा मुख्यालय पर, गिर्वा के जगत, राजसमंद के छापली और देवगढ़ के आंजना में शिविर लगेंगे।