गुरु पूर्णिमा पर्व 16 जुलाई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिरों व आश्रमों में विशेष आयोजन होंगे। इस दिन गुरुओं के चरणों की पूजाकर शिष्य आशीर्वाद लेंगे। इसके साथ ही श्रावण के व्रत शुरू हो जाएंगे। इस दौरान शिव मंदिरों में विशेष पूजा अनुष्ठान होंगे। गुरु पूर्णिमा पर शहर के जगदीश मंदिर, अस्थल आश्रम, मीठाराम मंदिर, बाईजी राज कुंड, सूरजपोल स्थित निरंजनी बालाजी मंदिर, खास ओदी स्थित धूणी माता मंदिर, चांदपोल बाहर स्थित बड़ा रामद्वारा आदि स्थानों पर आयोजन होंगे।
प्रमोद सोनी/ उदयपुर. गुरु पूर्णिमा पर्व 16 जुलाई को मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिरों व आश्रमों में विशेष आयोजन होंगे। इस दिन गुरुओं के चरणों की पूजाकर शिष्य आशीर्वाद लेंगे। इसके साथ ही श्रावण के व्रत शुरू हो जाएंगे। इस दौरान शिव मंदिरों में विशेष पूजा अनुष्ठान होंगे। गुरु पूर्णिमा पर शहर के जगदीश मंदिर, अस्थल आश्रम, मीठाराम मंदिर, बाईजी राज कुंड, सूरजपोल स्थित निरंजनी बालाजी मंदिर, खास ओदी स्थित धूणी माता मंदिर, चांदपोल बाहर स्थित बड़ा रामद्वारा आदि स्थानों पर आयोजन होंगे। इस अवसर पर शिष्य अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना कर नारियल, प्रसाद व दक्षिणा भेंट करेंगे और आशीर्वाद लेंगे। गत वर्ष भी गुरु पूर्णिमा पर 27 जुलाई को खग्रास चन्द्रग्रहण रहा था। पं. भरत कुमार खंडेलवाल के अनुसार आषाढ़ शुक्ला पूर्णिमा 16 जुलाई को मध्यरात्रि 1.28 बजे से ग्रहण शुरू होगा और रात 4.26 बजे रहेगा। चंद्रग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व शाम 4.28 बजे से शुरू हो जाएगा। यह ग्रहण भारत के अलावा पड़ोसी देश, खाड़ी देश, उत्तर पूर्वी यूरोप, दक्षिणी अफ्रीकी देश, अंटार्कटिका में देखा जाएगा।
श्रावण के पहले सोमवार का मेला 22 को
श्रावण मास में गुलाबबाग में 22 जुलाई को पहला सुखिया सोमवार मेला भरेगा। इस दौरान वहां विभिन्न प्रकार की स्टॉलें लगाई जाएंगी। मेले में शहरवासियों के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल होते हैं।