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संकट में 12.1% लोग बेच देते है सोना और जमीन, चौंका देगी IIM उदयपुर की फाइनेंशियल मैच्योरिटी इंडेक्स रिपोर्ट

Rajasthan Family Financial Situation: राजस्थान के परिवारों की आर्थिक तैयारी को लेकर सामने आईIIM उदयपुर की रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ‘फाइनेंशियल मैच्योरिटी इंडेक्स-2026’ के मुताबिक प्रदेश के 67% परिवारों के पास इमरजेंसी फंड तक नहीं है और नौकरी या कारोबार बंद होने पर ज्यादातर घर तीन महीने से ज्यादा नहीं चल पाएंगे।
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उदयपुर

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Akshita Deora

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Updated: 21 May 2026, 2:07 PM IST

IIM Udaipur Report

फोटो: AI

Financial Maturity Index-2026 Report: राजस्थान के 67 फीसदी परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं है। अगर परिवार के मुखिया की नौकरी या कारोबार बंद होने पर अधिकांश परिवार 3 महीने से ज्यादा घर नहीं चला सकेंगे। ये खुलासा भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) उदयपुर और प्राइस संस्था की ‘फाइनेंशियल मैच्योरिटी इंडेक्स-2026’ रिपोर्ट में हुआ है। देश में बैंक खाते खोलने और मोबाइल से लेन-देन की व्यवस्थाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं, क्या उतनी ही तेजी से आम आदमी की पैसों से जुड़ी समझदारी भी बढ़ी है। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए दोनों संस्थाओं ने मिलकर राजस्थान और गुजरात में अध्ययन किया तो यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। अध्ययन में के 2,191 राजस्थान और गुजरात के 1,884 परिवारों समेत कुल 4,075 परिवारों को शामिल किया गया।

संकट में आज भी अपनों का ही सहारा

रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में 72.9% लोग संकट के समय बैंक या सरकारी मदद के बजाय रिश्तेदारों और दोस्तों से कर्ज लेते हैं। 55.3% लोग अपनी बचत खर्च कर देते हैं, जबकि 12.1% परिवारों को सोना या जमीन बेचनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में 80.8% परिवार आपात स्थिति में अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर हैं।

तुलना का आधार गुजरात-राजस्थान

  • जीडीपी ₹27.9 लाख करोड़ ₹17.8 लाख करोड़
  • प्रति व्यक्ति आय ₹3.13 लाख ₹1.67 लाख
  • देश में हिस्सेदारी 8.1% 5.0%

रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े

  • 67% परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं
  • 48% लोग महंगाई का मतलब नहीं जानते
  • 55.1% लोगों ने रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू नहीं की। लोग अपनी कमाई को बच्चों की पढ़ाई, शादी (44.9%) या मकान बनाने (16.6%) में ही खर्च कर देते हैं।
  • 75% लोगों ने नेशनल पेंशन सिस्टम का नाम तक नहीं सुना
  • 7.2% लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा
  • 22.3% लोग ही रोज यूपीआई का करते हैं उपयोग
  • 55% लोगों ने कभी यूपीआई उपयोग नहीं किया
  • 10.7% लोगों ने शेयर बाजार में निवेश किया
  • 18.3% लोग शेयर बाजार को जुआ मानते हैं
  • 3.6% डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लेते लोन

कर्ज और बैंकिंग की स्थिति

  • राजस्थान में कर्जदार परिवारों पर औसतन ₹2.88 लाख का लोन बकाया है। उनकी औसत मासिक ईएमआई ₹6,902 है। ₹3 लाख सालाना आय वाले परिवारों की मासिक आय का करीब 28% हिस्सा ईएमआई में चला जाता है।
  • प्रदेश में 72.6% महिलाएं जबकि 49.6% पुरुष, समय पर लोन चुकाते हैं। 83.5% महिलाएं संपत्ति नाम पर नहीं होने से लोन नहीं ले पातीं। वहीं 27.4% ग्रामीणों को बैंक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है।

राजस्थान बनाम गुजरात

दोनों राज्याें की स्थिति बिल्कुल अलग-अलग होने के बाद भी गुजरात (33.6) और राजस्थान (32.0) के लाेगों की वित्तीय समझ लगभग बराबर है।