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Financial Maturity Index-2026 Report: राजस्थान के 67 फीसदी परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं है। अगर परिवार के मुखिया की नौकरी या कारोबार बंद होने पर अधिकांश परिवार 3 महीने से ज्यादा घर नहीं चला सकेंगे। ये खुलासा भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) उदयपुर और प्राइस संस्था की ‘फाइनेंशियल मैच्योरिटी इंडेक्स-2026’ रिपोर्ट में हुआ है। देश में बैंक खाते खोलने और मोबाइल से लेन-देन की व्यवस्थाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं, क्या उतनी ही तेजी से आम आदमी की पैसों से जुड़ी समझदारी भी बढ़ी है। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए दोनों संस्थाओं ने मिलकर राजस्थान और गुजरात में अध्ययन किया तो यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। अध्ययन में के 2,191 राजस्थान और गुजरात के 1,884 परिवारों समेत कुल 4,075 परिवारों को शामिल किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में 72.9% लोग संकट के समय बैंक या सरकारी मदद के बजाय रिश्तेदारों और दोस्तों से कर्ज लेते हैं। 55.3% लोग अपनी बचत खर्च कर देते हैं, जबकि 12.1% परिवारों को सोना या जमीन बेचनी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में 80.8% परिवार आपात स्थिति में अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर हैं।
दोनों राज्याें की स्थिति बिल्कुल अलग-अलग होने के बाद भी गुजरात (33.6) और राजस्थान (32.0) के लाेगों की वित्तीय समझ लगभग बराबर है।
Updated on:
21 May 2026, 2:07 PM IST
Published on:
21 May 2026, 7:25 AM IST
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