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राजस्थान में भी शेयर बाज़ार के ‘ब्लैक फ्राइडे’ का असर, निवेशकों के करोड़ों डूबे 

शेयर बाजार में आए दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं, लेकिन 13 फरवरी 2026 की सुबह दलाल स्ट्रीट से जो खबर आई, उसने राजस्थान के निवेशकों की धड़कनें तेज कर दी हैं।

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शेयर बाज़ार में निवेश करने वालों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। शेयर बाजार के लिए शुक्रवार की सुबह 'ब्लैक फ्राइडे' साबित हुई। जैसे ही बाजार खुला, बिकवाली का ऐसा सैलाब आया कि सेंसेक्स देखते ही देखते 800 अंकों से ज्यादा नीचे गिर गया। निफ्टी भी 25,600 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट का असर राजस्थान के व्यापारिक गलियारों में भी दिखाई दे रहा है, जहां मध्यम वर्गीय परिवारों से लेकर बड़े औद्योगिक घरानों तक का पैसा सीधे तौर पर स्टॉक मार्केट में लगा हुआ है।

राजस्थान के निवेशकों पर 'वज्रपात'!

राजस्थान में विशेषकर जयपुर, मारवाड़ और शेखावाटी क्षेत्र के लोग पारंपरिक रूप से निवेश के शौकीन रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यहां के युवाओं और गृहणियों ने बड़े पैमाने पर SIP और डायरेक्ट इक्विटी में पैसा लगाया है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि आज की इस गिरावट से राजस्थान के निवेशकों की पोर्टफोलियो वैल्यू में करोड़ों रुपये की कमी आ सकती है। जयपुर के जौहरी बाजार और एमआई रोड स्थित ब्रोकिंग फर्म्स के दफ्तरों में सुबह से ही फोन की घंटियां बज रही हैं। खबरें ऐसी भी हैं कि छोटे निवेशक डरे हुए हैं और कई लोग 'पैनिक सेलिंग' तक कर रहे हैं।

क्यों आई यह तबाही?

इस गिरावट के पीछे कोई स्थानीय कारण नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक़ अमरीका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) के भविष्य को लेकर मची उथल-पुथल और 'एन्थ्रोपिक शॉक' के कारण आईटी शेयरों में 5% से 6% तक की गिरावट देखी गई।

इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गजों के गिरने से बाजार का सेंटिमेंट खराब हुआ। चूंकि राजस्थान के हजारों युवा इन आईटी कंपनियों में काम करते हैं और उनके पास इन कंपनियों के शेयर हैं, इसलिए यह मार उन पर दोहरी पड़ी है।

राजस्थान की कंपनियों का क्या रहा हाल?

बाजार की इस सुनामी में राजस्थान से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी हलचल देखी गई। राजस्थान में बड़ा कारोबार करने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट और वेदांता जैसी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा।

वहीं 'स्मॉल कैप' शेयरों की बात करें, तो राजस्थान की छोटी और मध्यम श्रेणी की लिस्टेड कंपनियों के शेयर भी 2% से 3% तक टूटे, जिससे स्थानीय निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

एक्सपर्ट्स की राय

शेयर बाज़ार की स्थितियों पर विशेषज्ञों की पैनी नज़र है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ये गिरावट एक 'हेल्दी करेक्शन' भी हो सकती है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को घबराने के बजाये संयम बरतना चाहिए। बाजार जब गिरता है, तो अच्छे शेयर सस्ते दाम पर खरीदने का मौका भी मिलता है। राजस्थान के निवेशकों को सलाह है कि वे अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई रखें और लंबी अवधि का विजन रखें।