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चालान की ‘डेडलाइन’ आधी: 45 दिन में भुगतान नहीं तो सीधे एक्शन, पुलिस ने कसी कमर

उदयपुर में नए मोटर व्हीकल नियम लागू होने के बाद ट्रैफिक चालान का निपटारा अब 45 दिन में करना अनिवार्य होगा। तय समय में भुगतान या आपत्ति नहीं करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा और कार्रवाई होगी। कोर्ट में अपील करने से पहले 50% जुर्माना जमा कराना भी जरूरी किया गया है।
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उदयपुर

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Mukesh Gaur

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Updated: 21 May 2026, 6:20 PM IST

new motor vehicle act

file photo

उदयपुर. ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद चालान को लंबे समय तक नजरअंदाज करना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 167 में किए संशोधनों के बाद ट्रैफिक चालान का निपटारा 45 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय अवधि में चालान जमा नहीं करने या उसे चुनौती नहीं देने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा और अगले एक माह में भुगतान करना होगा। ऐसे में ट्रैफिक चालान निपटाने की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 45 दिन की गई है।

राज्य परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने बदलाव के संबंध में अधिसूचना जारी की है। पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण एवं यातायात) अनिल पालीवाल ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपायुक्तों को नए नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद एएसपी सिटी उमेश ओझा ने उदयपुर यातायात शाखा को नए प्रावधानों की पालना लागू करने के निर्देश दिए हैं।

विभागीय स्तर पर तेजी से निस्तारण

नए नियमों के तहत अब न्यायालय में अपील करने से पहले संबंधित व्यक्ति को जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि वन-चालान पोर्टल या आइटीएमएस पोर्टल पर जमा करानी होगी। इसके बिना अदालत में अपील स्वीकार नहीं की जाएगी। यह व्यवस्था ट्रैफिक चालान के मामलों को विभागीय स्तर पर ही तेजी से निस्तारित करने की दिशा में अहम बदलाव माना जा रहा है।

हेड कांस्टेबल भी काट सकेंगे चालान

संशोधित नियमों में चालान काटने के अधिकारों में भी बदलाव किया गया है। पहले किसी भी पुलिस अधिकारी को चालान बनाने का अधिकार था, लेकिन अब यह अधिकार हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर के अधिकारियों तक सीमित कर दिया गया है। वहीं, चालान संबंधी शिकायतों और निस्तारण के लिए डीएसपी, एसीपी या उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

चालान सूचना अब जल्दी मिलेगी

यातायात के नए प्रावधानों के अनुसार अब चालान की सूचना संबंधित व्यक्ति तक तय समय सीमा में पहुंचाना भी अनिवार्य किया गया है। चालान जारी होने के 15 दिन के भीतर भौतिक रूप से अथवा 3 दिन के भीतर मेल या मैसेज के माध्यम से सूचना देनी होगी। इसके अलावा एसएमएस और ई-मेल के जरिये भी वाहन मालिक को जानकारी भेजी जाएगी।

हॉस्पिटल परिसर में नो-पार्किंग पर सख्ती

आरएनटी मेडिकल कॉलेज परिसर में नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर एसपी उदयपुर ने थाना हाथीपोल को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इमरजेंसी वार्ड के सामने, एम्बुलेंस मार्ग अवरुद्ध होने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। ऐसे में व्यवस्था सुधारने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

यह है वन-चालान और आइटीएमएस पोर्टल

वन-चालान पोर्टल केंद्र सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां ट्रैफिक चालान की राशि ऑनलाइन जमा की जा सकती है। आइटीएमएस पोर्टल भी इसी उद्देश्य के लिए उपयोग में लिया जाता है। नए नियमों के तहत 50 प्रतिशत जुर्माना राशि इन्हीं पोर्टल के माध्यम से जमा करना अनिवार्य होगा। मोबाइल फोन से भी इन प्लेटफॉर्म पर आसानी से भुगतान किया जा सकता है।

बढ़ते हादसों को लेकर यातायात नियमों की पालना सख्ती से कराना प्राथमिकता है। इसी को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। चालान ऑनलाइन मिलने पर 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। अगर चालान गलत कटा है तो शिकायत का मौका दिया गया है। शिकायत नहीं करने पर चालान जनरेट होगा, जिसका भुगतान करना ही होगा।

अशोक आंजना, ट्रैफिक डिप्टी