उम्र करीब 15 से 16 साल, काम शहर के अलग-अलग इलाके से महंगी बाइक चुराना। अम्बामाता थानापुलिस ने ऐसे ही दो बाल अपचारियों को डिटेन bike thief arrested किया जिन्होंने अब तक 25 से अधिक दुपहिया वाहन चुराते हुए अपने साथियों की मदद से झाड़ोल क्षेत्र में औने-पौने दामों में बेच दिए। पुलिस ने पूछताछ के बाद अब इनसे 12 वाहन बरामद किए है। अपचारियों मेंं एक इतना तेज है कि वह रानीरोड पर रोकने पर फतहसागर झील में कूदते हुए तैरकर दूसरी तरफ बाहर निकल गया और पुलिस उसे ढूंढ़ती ही रह गई। दूसरा चोरी के मामले में कोर्ट में पेशी पर जाने के दौरान वहां से भी एक बाइक चुरा लाया।
उदयपुर. उम्र करीब 15 से 16 साल, काम शहर के अलग-अलग इलाके से महंगी बाइक चुराना। अम्बामाता थानापुलिस udaipur Police ने ऐसे ही दो बाल अपचारियों को डिटेन किया जिन्होंने अब तक 25 से अधिक दुपहिया वाहन चुराते हुए अपने साथियों की मदद से झाड़ोल क्षेत्र में औने-पौने दामों में बेच दिए। पुलिस ने पूछताछ के बाद अब इनसे 12 वाहन बरामद किए है। अपचारियों मेंं एक इतना तेज है कि वह रानीरोड पर रोकने पर फतहसागर झील में कूदते हुए तैरकर दूसरी तरफ बाहर निकल गया और पुलिस उसे ढूंढ़ती ही रह गई। दूसरा चोरी के मामले में कोर्ट में पेशी पर जाने के दौरान वहां से भी एक बाइक चुरा लाया।
एसपी कैलाशचन्द्र विश्नोई ने बताया कि शहर में बढ़ते दुपहिया वाहनों चोरी की वारदातों पर आरोपियों की धरपकड़ के दौरान अम्बाता थानाधिकारी चेनाराम पचार सूचना मिली कि ग्रामीण क्षेत्र के दो अपचारी क्षेत्र में रोज नई-नई पावर बाइक लेकर घूम रहे है। सूचना पर पुलिस ने दोनों को डिटेन किया तो उन्होंने पूछताछ शहर के अलग-अलग इलाकों व एमबी चिकित्सालय में 25 दुपहिया वाहन चुराना कुबूल किया। इनसे 12 वाहन बरामद किए गए। अपचारियों ने अपने साथी बाघुपरा झाड़ोल निवासी भेरा पुत्र हकरा मीणा के साथ मिलकर चोरी के वाहन झाड़ोल में बेचना बताया। पुलिस ने साथी भैरा व एक वाहन चालक राजू को नामजद किया है।
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पहचान के बाद पुलिस ने रखी नजर
पुलिस ने बताया कि अपचारियों में से एक को पूर्व में जाप्ता ने रानी रोड पर पूछताछ के लिए रोका तो वह फतहसागर झील में कूद गया। पुलिस उसे ढूंढ़ती रही तो वह अंधेरे में दूसरे छोर में तैरकर बाहर निकल गया। पहचान होते ही पुलिस ने उस पर नजर रख उसे डिटेन किया तो वाहन चोरी का खुलासा हो गया। पूछताछ में सामने आया कि यह वाहन का लॉक तोडकऱ चुराते थे। एएसआई नारायणसिंह के साथ हेडकांस्टेबल महेन्द्रसिंह, औंकारङ्क्षसह, कांस्टेबल बिपेन्द्र ङ्क्षसह, भवराराम, रमेश, चेतनदास, दिनेश, बलदेव व कपिल कुमार अभी अपचारियों की निशानदेही से चोरी के और वाहन बरामदगी में जुटी है।