उदयपुर

नशीली दवाओं का कारोबार….. मैंड्रेक्स मामले में अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला..

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Nov 03, 2018
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नशीली दवाओं का कारोबार..... मैंड्रेक्स मामले में अदालत ने सुरक्षित रखा फैसला..

डॉ सुशील सिंह चौहान / उदयपुर . मैथाकुलोन के अवैध विनिर्माण, भंडारण, परिवहन एवं अवैध निर्यात के बहुचर्चित मामले में स्वापक औषधि एवं मनप्रभावी अधिनियम 1985 के तहत अदालत स्तर पर लिए गए प्रसंज्ञान पर शुक्रवार को बहस पूरी हो गई। अदालत ने 19 नवम्बर तक फैसले को सुरक्षित रखा है।
इससे पहले करोड़ों रुपए की मैथाकुलोन टेबलेट्स बरामद होने के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे मास्टर माइंड सुभाष दुदानी, रवि दुदानी, निर्मल दुदानी, परमेश्वर व्यास, अतुल महात्रे, अनिल मलकानी, संजय आर. पटेल और गुंजन दुदानी को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया, जहां पर डीआरआई की ओर से इनके खिलाफ पेश की गई 250 पृष्ठों की चार्जशीट पर लगे आरोपों पर बहस हुई। परमेश्वर व्यास की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्रसिंह हिरण ने पैरवी करते हुए कहा कि परमेश्वर ने श्रीनाथ इंडस्ट्रीज धोइंदा को वर्ष 2014 से लीज पर दे रखी थी, जिसके एग्रीमेंट सुभाष दुदानी के नाम पर है। डीआरआई की चार्जशीट में परमेश्वर व्यास का कोई भूमिका का अंकन नहीं किया है।

ऐसे में परमेश्वर को आरोपमुक्त किया जाए। डीआरआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रवीण खंडेलवाल ने जवाब में कहा कि परमेश्वर व्यास की फैक्ट्री में मशीनरी व अन्य आधारभूत सुविधा के साथ-साथ वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मुख्य एवं सक्रिय भूमिका रही है।

इसके अलावा सुभाष, निर्मल व रवि दुदानी की ओर से आरोप पत्र पर अन्तिम बहस उनके अधिवक्ता भरत वैष्णव ने की। संजय आर. पटेल की ओर से अधिवक्ता गणपत चौधरी, अतुल महात्रे की ओर से जितेंद्र जैन और अनिल मलकानी की ओर से अविनाश बड़ाला ने पैरवी करते हुए कहा कि डीआरआई आरोपसिद्ध करने में पूर्णतया विफल रही है। आरोपियों ने आरोप से इनकार किया है।

Updated on:
03 Nov 2018 05:10 pm
Published on:
03 Nov 2018 05:10 pm