उदयपुर

20 दिन के संथारे के बाद 81 वर्षीय श्राविका कमलादेवी ने ली दीक्षा, अब तिविहार संथारा लिया

उदयपुर के ऋषभ भवन में
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Oct 28, 2020
दीक्षा से पूर्व श्राविका कमलादेवी।
दीक्षा से पूर्व श्राविका कमलादेवी।

मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहर में 81 वर्षीय श्राविका कमला देवी लोढ़ा ने घर पर 20 दिन संथारा ग्रहण किए निकाले और उसके बाद दीक्षा ग्रहण कर ली। कमलादेवी ने जैन दीक्षा लेने की भावना रखी। बाद में यहां उदयपुर के आयड़ स्थित ऋषभ भवन में आचार्य रामेश के सुशिष्ट श्रुतप्रभमुनि मुनि के मुखारविंद से दीक्षा अंगीकार की। साध्वी समताश्री आदि का ऋषभ भवन में चातुर्मास है और वहीं दीक्षा हुई। इस दौरान भुतिप्रज्ञ मुनि, सुशीला कंवर, पंकजश्री, करुणाश्री, प्रसिद्धि श्री ने विचार रखे। कमलादेवी का दीक्षा के बाद साध्वी महाभाग्यवानश्री नाम रखा गया। संघ के अल्पेश जैन ने बताया कि बाद में नव दीक्षिता को तिविहार संथारा ग्रहण कराया गया।

पुष्कर मुनि की जयंती मनाई
इधर, भगवान महावीर गौशाला उमरड़ा पुष्कर मुनि की 111 वीं जयंती, राष्ट्रसंत गणेश मुनि की दीक्षा जयंती एवं जिनेन्द्र मुनि की 58 वीं दीक्षा जयंती मनाई गई। जिनेन्द्र मुनि ने कहा कि मंत्रों की ताकत उसकी साधना में प्राप्त होती है, उसकी सफलता भक्त की आस्था पर निर्भर करती है। मुनि की लिखित ‘जिनेन्द्र प्रार्थना’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अमर जैन साहित्य संस्थान के अध्यक्ष भंवर सेठ न कहा कि तीनों संतों ने अपनी साधना और लेखनी से समाज को श्रेष्ठता का मार्ग दिखाया। प्रवीण मुनि, साध्वी मंगल ज्योति, साध्वी ऋतु प्रज्ञा व गौशाला के अध्यक्ष हीरालाल मादरेचा ने भी विचार रखे।

Updated on:
28 Oct 2020 09:33 am
Published on:
28 Oct 2020 09:19 am