महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की समस्याओं का अब समाधान हो सकेगा। इसके लिए कुलसचिव राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय जोबनेर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की समस्याओं का अब समाधान हो सकेगा। इसके लिए कुलसचिव राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय जोबनेर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
इस आदेश के तहत एमपीयूएटी के पूर्व कुलपति एनएस राठौड़ को बतौर लोकपाल नियुक्त किया है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने लोकपाल नियुक्त नहीं किए जाने को लेकर एमपीयूएटी सहित प्रदेश के 16 विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर घोषित किया था। विवि ने यूजीसी के आदेश दिए जाने बावजूद नौ माह बीत जाने पर भी लोकपाल नहीं लगाया गया था। इस कारण विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। गौरतलब है कि इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 26 जनवरी के अंक में एमपीयूएटी सहित प्रदेश के 16 विश्वविद्यालय डिफॉल्टर घोषित शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए अब लोकपाल नियुक्त कर दिया गया है। राठौड़ बांसवाड़ा, जोबनेर के एसकेएनएयू के कुलपति रह चुके हैं। वे इंजीनियरिंग और एजुकेशन आईसीएआर नई दिल्ली में डीडीजी का पद संभाल चुके हैं। इसी प्रकार वे सीटीएई और डीएसडब्ल्यू एमपीयूएटी के डीन रहे चुके हैं।
रेफरेंस मैनेजमेंट साॅफ्टवेयर के बारे में दी जानकारी
उदयपुर. राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल के तत्वावधान में पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन प्राचार्य प्रो. अंजना गौतम की अध्यक्षता में हुआ। प्रो. गौतम ने नवीनतम तकनीकों के भरपूर उपयोग से शोध कार्य को पूर्ण करने का आग्रह किया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा िकए। इस मौके पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। जोधपुर के प्रो. हीराराम ने मेंडले साॅफ्टवेयर का महत्व बताया। प्रो. सुनील दत्त शुक्ला, डाॅ. अमित कुमार गुप्ता ने भी तकनीक के बारे में बताया। सेल की समन्वयक प्रो. कानन सक्सेना ने आभार जताया।