उदयपुर

MLSU: बंदे हैं हम उसके ने दी दिव्‍यांगों के प्रति एक नई सोच, समाज को नजरिया बदलने पर किया मजबूर

कला महाविद्यालय की नाट्य मंडली "बदलाव" ग्रुप की तरफ से 'बंदे हैं हम उसके' नाटक का प्रस्तुतिकरण
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Oct 06, 2017
nukkad natak

उदयपुर . मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय कला महाविद्यालय की नाट्य मंडली "बदलाव" ग्रुप की तरफ से 'बंदे हैं हम उसके' नाटक का प्रस्तुतिकरण शुक्रवार प्रातः 11:00 बजे प्रशासनिक भवन के बाहर किया गया। यह नाटक गांधी रिसर्च फाउंडेशन के द्वारा नाटक महात्मा गांधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया। नाटक की लेखिका ,संयोजिका सहायक आचार्य हिंदी विभाग डॉक्टर नीता त्रिवेदी द्वारा अथितियों का परिचय एवं स्वागत कराया। साथ ही नाटक के विषय से सभी को रूबरू करवाया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. विजय श्रीमाली ने कला महाविद्यालय के कार्मिक कर्मचारी भंवर सिंह का उदाहरण रखा और बताया कि कैसे वह दिव्यांग होते हुए भी अपनी कार्यकुशलता के आधार पर सभी कामों को कुशलता पूर्वक करते हैं। विश्वविद्यालय के प्रत्येक डीन उनके साथ काम करने में गर्व की अनुभूति करता है। नाटक के कलाकारों में अपनी प्रस्तुति से सभी दर्शकों को दिव्यांगों के प्रति सोचने व उन्हें समझने का एक नया विचार सबके सामने प्रस्तुत किया। नाटक बदलाव समूह के कलाकार सोनू साफी ने मंदबुद्धि बालक का किरदार ,हेमा रावत ने मां की भूमिका,भूपेंद्र ने पैर विहीन बालक व पूजा रावत ने नेत्रहीन बालिका की भूमिका निभाई।

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साथ ही नाटक की सूत्रधार अंजुल ने दिव्यांगों के कई उदाहरण देते हुए दर्शकों को उनकी विशेषता बताई और समाज की मुख्यधारा में उन्हें जोड़ने का आह़वान किया। कलाकार कन्हैया , अमृत व दिनेश भारतीय ने अपनी भूमिका बख़ूबी निभाई। डॉ नीता त्रिवेदी ने बताया कि हम पिछले कई वर्षों से सामाजिक सरोकार से सम्बन्धित नुकड़ नाटकों का समय- समय पर विश्व विद्यालय में आयोजन करते आये हैं। आगे भी इसी तरह के सामाजिक विषयों पर नाटक का मंचन करते रहेंगे।

Updated on:
06 Oct 2017 03:09 pm
Published on:
06 Oct 2017 03:07 pm