
चारभुजा. धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र चारभुजा में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है, लेकिन कस्बे की बदहाल सफाई व्यवस्था श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।मंदिर पार्किंग स्थल के सामने, जहां से श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग गुजरता है और जैन समाज का महाश्रवण विहार स्थित है, वहां मुख्य द्वार के बाहर लंबे समय से गंदगी का ढेर लगा हुआ है। बताया गया कि धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस और होटलों का कचरा यहीं डाला जाता है, लेकिन सफाईकर्मियों द्वारा संग्रहित कचरे का समय पर निस्तारण नहीं होने से राहगीरों और श्रद्धालुओं को दुर्गंध व गंदगी के बीच होकर गुजरना पड़ता है। श्रद्धालु नाक पर रूमाल रखकर मंदिर की ओर जाने को विवश हैं। इसी कचरे के ढेर में एक गाय की मौत भी हो चुकी है। वहीं सूरजपोल दरवाजे के नीचे पानी निकासी का गड्ढा खुला पड़ा है, जो हादसे को न्योता दे रहा है। सूरजपोल मोहल्ले में कई महीनों से नालियां अवरुद्ध होने के कारण मकानों के बाहर का पानी और वर्षा का पानी घरों में घुस जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत से नालियों की सफाई की मांग करने पर सफाई व्यवस्था ठेके पर होने का हवाला दिया जाता है। इसके अलावा मंदिर के सामने होली चौक पर गटर का ढक्कन टूटा हुआ है। कस्बे की अधिकांश गलियों में कचरे के ढेर नजर आते हैं, जबकि नियमित सफाई केवल मंदिर परिसर और बस स्टैंड तक ही सीमित है। मोहल्लेवासी सुरेश कुमार पटवारी एवं सत्यनारायण दाधिच ने पंचायत और सफाई ठेकेदार से अवरुद्ध नालियों की सफाई कराने तथा कचरे के ढेर का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक नगरी में स्वच्छता बनी रहे, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण में दर्शन का लाभ उठा सकें।