आमजन को स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर के 122 शहरों के लिए कार्यक्रम चलाया। पांच साल के लिए चलाए गए प्रोग्राम में राजस्थान के पांच शहर शामिल किए गए थे।
पंकज वैष्णव
Udaipur News : उदयपुर. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु प्रोग्राम की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के चयनित पांच में से दो शहर जोधपुर और अलवर की आबोहवा में सुधार हुआ, लेकिन उदयपुर, जयपुर और कोटा की हवा में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हो पाया। केंद्र सरकार ने प्रोग्राम के तहत प्रदेश के पांचों शहरों पर 541 करोड़ खर्च किए थे। आमजन को स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर के 122 शहरों के लिए कार्यक्रम चलाया। पांच साल के लिए चलाए गए प्रोग्राम में राजस्थान के पांच शहर शामिल किए गए थे। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम शुरू होने के बाद जोधपुर एवं अलवर शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अन्य शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है।
राजस्थान में खर्च की स्थिति
राज्य सरकार को केंद्र सरकार ने उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं अलवर शहरों के लिए अब तक राष्ट्रीय स्वच्छ वायु योजना में कुल राशि 51.7 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए। केंद्र सरकार की ओर से 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य सरकार को उदयपुर, जोधपुर व कोटा शहरों के लिए अब तक कुल राशि 489.44 करोड़ रुपए उपलब्ध कराई गई।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम : एक नजर
वायु प्रदूषण बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में से एक है। देशभर में बढ़ती वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के रूप में एक व्यापक तरीके से अखिल भारतीय कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध राष्ट्रीय स्तर की रणनीति शुरू की गई। एनसीएपी वर्ष 2019 में शुरू किया गया। देश के 122 शहरों में बेहतर वायु गुणवत्ता के लिए कार्यक्रम चलाया गया। वर्ष 2017 को आधार मानकर पीएम 10 की सांद्रता में 2024 तक 30 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया।
कब-कब, कितना खर्च हुआ बजट
वित्तीय वर्ष एनसीएपी स्कीम 15वां वित्त आयोग कुल
वर्ष 2019-20 18.12 00 18.12
वर्ष 2020-21 3.80 140.50 144.30
वर्ष 2021-22 00 140.50 140.50
वर्ष 2022-23 18.46 208.44 226.90
वर्ष 2023-24 11.32 00 11.32
पांच वर्षों में 51.70 489.44 541.14 (राशि करोड़ों में)