राजस्थान में सरकारी स्कूलों में 17 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू होने वाला है। पर उदयपुर में कुक कम हेल्पर्स चिंतित हैं। वजह है कि उन्हें पिछले 4 माह को मानदेय नहीं मिला है। ग्रीष्मावकाश होने के बाद करीब डेढ़ माह तक मानदेय के लिए करना होगा इंतजार।
उदयपुर में सरकारी विद्यालय के बालकों को पोषाहार बना कर खिलाने वाले कुक कम हेल्पर्स की मजदूरी पहले ही बहुत कम है, उन्हें पिछले चार माह से मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं और घर चलाने भी मुश्किल हो रहा है। जिले के गिर्वा ब्लॉक में कुल 205 स्कूल के 430 कुक कम हेल्पर व 205 बाल गोपाल दूध योजना के तहत दूध गर्म करने वालों का जनवरी से अप्रेल व मई तक का मानदेय भुगतान बाकी है। यही हाल जिले के कोटड़ा, खेरवाड़ा, मावली, बड़गांव ब्लॉक का भी है। यहां भी जनवरी से मई तक के मानदेय का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में हेल्पर मानदेय देने की मांग कर रहे हैं। हेल्पर्स का कहना है कि कुछ ही दिनों में ग्रीष्मावकाश होने जा रहा है। ऐसे में फिर उनका भुगतान जुलाई तक अटक कर रह जाएगा। मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
संघर्ष समिति, उदयपुर अध्यक्ष भेरूलाल कलाल ने बताया बहुत कम पैसों पर कार्य करने वाले कुक कम हेल्पर को जनवरी से और महात्मा गांधी स्कूल में कार्य करने वाले हेल्पर व सफाईकर्मी को अब तक मानदेय नहीं मिलना जिमेदारों की लापरवाही दर्शाता है। 16 मई के बाद से अवकाश हो जाएंगे फिर ये लोग डेढ़ माह तक अपनी मजदूरी का इंतजार करते रहेंगे। इनकी मजबूरी को समझ कर इनका भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए।
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