उदयपुर

ये क्या.. दिवाली से ऐन पहले वाहन डीलर्स को झटका, मची खलबली, क्या हुआ जानिए..

वाहन रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर 108 डीलर्स के व्यवसाय प्रमाण पत्र निलंबित
2 min read
• •
Oct 06, 2017
vehicle

उदयपुर . क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने समझाइश व नोटिस के बावजूद वाहन रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर 108 डीलर्स के व्यवसाय प्रमाण पत्र 90 दिन के लिए निलंबित कर दिए हैं। त्योहार से ऐन पहले इस कार्रवाई से खलबली मची है। सरकार ने गैर परिवहन वाहन बेचने वाले सभी डीलर्स एवं सब डीलर्स को अधिकृत पंजीयन अधिकारी बनाया था। विभाग ने डीलर्स के साथ कार्यशाला व बैठकों में नोटिस जारी कर आवेदन मांगे थे। पूरे परिवहन क्षेत्र में 173 डीलर्स ने पंजीयन अधिकारी के रूप में कार्य करने हेतु आवेदन जमा कराए लेकिन 108 डीलर्स ने निर्धारित अवधि के बाद ही आवेदन प्रस्तुत नहीं किए। ऐसे में जिला परिवहन अधिकारी उदयपुर छगन मालवीय, राजसमन्द नैन सिंह सोढा, बांसवाड़ा एन.एन. शाह व डूंगरपुर अनिल माथुर ने उक्त सभी डीलर्स के प्रमाण पत्र सस्पेंड कर दिए। उदयपुर में 65, डूंगरपुर 8, बांसवाड़ा 33 तथा राजसमन्द में 2 डीलर्स शामिल हैं। निलम्बन अवधि के दौरान ये डीलर किसी भी वाहन की बिक्री नहीं कर सकेंगे। हालांकि इसी दरमियान कोई व्यापारी रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग में अप्लाई कर देगा तो उसका प्रमाण पत्र बहाल कर दिया जाएगा।

इधर, यूआईटी की जमीन से दुकानें तोड़ी, पार्षदों ने किया विरोध
उदयपुर. यूआईटी ने हिरणमगरी से माली कॉलोनी जाने वाली 100 फीट रोड पर स्वागत वाटिका के पास यूआईटी की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें बनाने के मामले में गुरुवार को कार्रवाई की। यूआईटी की कार्रवाई का उस क्षेत्र के दो पार्षदों ने जोरदार विरोध किया लेकिन कार्रवाई पूरी हुई। पार्षदों ने बाद में भाजपा शहर अध्यक्ष दिनेश भट्ट को भी शिकायत की लेकिन यूआईटी ने न्यायालय के फैसले के अनुसार कार्रवाई करके ही दम लिया। वहां 100 फीट सडक़ के किनारे स्थित न्यास की बहूमूल्य भूमि भी पर तीन दुकानों की छत डाल देने और तीन और दुकानें बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि पिछले दिनों यूआईटी को शिकायत मिली थी कि राजस्व ग्राम मादड़ी पानेरियान के आराजी 307 नगर विकास प्रन्यास के स्वामित्व की भूमि पर मोतीलाल पुत्र मनोहरलाल की ओर से अतिक्रमण किया जा रहा है, इस पर प्रन्यास ने उक्त अतिक्रमण को प्रारम्भिक स्तर पर ही रूकवाया था किन्तु कार्य चलता रहा। यूआईटी तहसीलदार की कोर्ट ने प्रकरण दायर कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए लेकिन अतिक्रमी ने उसकी पालना नहीं की तो गुरुवार को यूआईटी ने अतिक्रमण हटा दिया। कार्रवाई का पार्षद रामेश्वर भट्ट, प्रवीण मारवाड़ी ने विरोध किया, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पार्षदों ने तहसीलदार गोवर्धन झाला को कार्रवाई रोकने की चेतावनी दी लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। बाद में दोनों ने शहर अध्यक्ष भट्ट को शिकायत भी की। यूआईटी की टीम में तहसीलदार झाला के साथ राजस्व निरीक्षक नरेश मोहनिया, पटवारी रेनू पानेरी, सुमित राजपाल, अमित, छोटे लाल मीणा शामिल थे।

Published on:
06 Oct 2017 06:58 pm