संभाग भर से आए अधिकारी और एक्टिविस्ट
पैंथरों को आए दिन बर्बरता से मारने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए लोगों की भीड़ को भी कानून का डर दिखाना होगा। भय बिन होय न प्रीत... उक्ति को सार्थक कर सख्ती दिखानी होगी, तभी ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण होगा। यह विचार सोमवार को वन्यजीव प्रभाग की ओर से आरसीए में आयोजित संभाग के वन्यजीव एक्शन प्लान ड्राफ्ट के लिए सुझावों पर सामने आई।
पक्षी और वन्यजीवों के जानकार विनय दवे ने कहा कि जिस प्रकार से ये घटनाएं बढ़ी हैं उसको देखकर लगता है कि बिना कानून के डंडे के काम नहीं चलेगा। पुराने संसाधनों पर आना होगा। जंगल में रहने वालों की मदद लेनी होगी। वन्यजीव संरक्षण के लिए जनता में जागरूकता लाने के लिए धर्म गुरुओं की मदद लेनी होगी। इस दौरान सीसीएफ राहुल भटनागर, डीएफओ टी. मोहनराज, चित्तौडग़ढ़ डीएफओ मुकेश सैनी, राजसमंद डीएफओ कपिल चन्द्रावल, डीएफओ सुहैल मजबूर, सहायक वन संरक्षक डॉ. सतीशकुमार शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कार्यशाला में आए जानकारों को पांच-पांच ग्रुपों में बिठाया और उनसे सुझावों पर समीक्षा कराई। संभाग एक्शन प्लान के सुझाव सरकार को भेजे जाएंगे। वहां राज्य का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
मेवाड़ में पैंथर के संरक्षण के एेसे दिए सुझाव, हर हाल में बचाने होंगे वन्यजीव