सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 44 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नियमित जमानत दे दी है। उदयपुर के इंदिरा आईवीएफ संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा दर्ज कराए गए इस मामले में कोर्ट ने अब दोनों पक्षों को मध्यस्थता के जरिए आपसी विवाद सुलझाने का निर्देश दिया है।
Udaipur News: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के लिए राहत की खबर आई है। करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में जोधपुर जेल में बंद इस कपल को सुप्रीम कोर्ट ने नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी है। यह पूरा मामला उदयपुर के चर्चित 'इंदिरा आईवीएफ' के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से जुड़ा है।
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ आया जब दोनों पक्ष आपसी समझौते (Settlement) के लिए तैयार दिखे।
डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया था कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने उनकी बायोपिक और अन्य फिल्में बनाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये का निवेश कराया। शिकायत के अनुसार, भट्ट दंपति ने भारी मुनाफे का लालच देकर उनसे करीब 30 करोड़ रुपये लिए, लेकिन फिल्में नहीं बनीं। मुर्डिया ने कुल 44.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, जालसाजी और पैसों के दुरुपयोग का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में राजस्थान पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में उन्हें मुंबई से गिरफ्तार किया था।