
मानवेन्द्र सिंह राठौड़/उदयपुर . श्रम विभाग के रिकार्ड में जिले में 1 लाख 13 हजार 576 श्रमिक दर्ज हैं जो भवन निर्माण कार्यों से जुड़े हुए हैं। इनमें से 21 हजार 890 श्रमिकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं में करीब 8 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। इधर, असंगठित कामगारों के लिए पेंशन योजना लागू होने से श्रमिक पंजीयन का ग्राफ चढ़ा है।
नागरिक सेवा केन्द्र ( सीएसी) के जिला प्रबंधक अशोक पनवा ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत संभाग में अब तक कुल 12,935 श्रमिकों ने पंजीयन करवाया है। इसमें बांसवाड़ा के 3,277 उदयपुर के 3,198 राजसमंद के 1561, चित्तौडगढ़़ के 2109, डंूगरपुर के 1448 एवं प्रतापगढ़ के 1342 श्रमिक शामिल हैं। इस योजना में श्रमिक का 55 लेकर 200 रुपए तक अंशदान जमा होगा। इतना ही केन्द्र सरकार वहन करेगी। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर श्रमिकों को 3 हजार रुपए मासिक पेंशन मिलेगी।
बंधुआ श्रमिकों करवाया मुक्त
श्रम निरीक्षक सज्जाद अहमद ने बताया कि जिले में पिछले पांच वर्षों में 129 बंधुआ श्रमिकों को मुक्त करवाया गया जिनके पुनर्वास की व्यवस्था कर 12 बंधुआ श्रमिकों को 2.40 लाख की सहायता दी गई है। ये श्रमिक उत्तरप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल आदि राज्यों के रहने वाले थे। 373 बाल श्रमिकों को होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और दुकानों से आजाद करवाया है जिन्हें बाल कल्याण समितियों को सौंपकर शिक्षा से जोड़ा गया है।