
मुकेश हिंगड़/उदयपुर . सज्जनगढ़ बायो पार्क में टाइगर टी-24 (उस्ताद) की तबीयत खराब हो गई है। तीन दिन पूर्व उसने सूप नहीं लिया। वन विभाग ने तत्काल मेडिकल बोर्ड का गठन किया। डॉक्टर उसकी नियमित निगरानी कर रहे हैं। वैसे उस्ताद को पहले की तरह कब्ज की समस्या होना बताया जा रहा है।
बायो पार्क में दो अप्रेल की सुबह जब केयरटेकर रामसिंह ने उस्ताद के होल्डिंग एरिये को देखा तो सामने आया कि एक अप्रेल की शाम को टाइगर टी-24 को जो सूप सहित भोजन रखा था, वह जैसे के तैसे ही पड़ा था, उसने कुछ नहीं खाया। इसकी सूचना उप वन संरक्षक हरिणी वी. को दी गई। बाद में वन विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए। मेडिकल बोर्ड टाइगर के स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। बाद में आईवीआर बरेली के डॉक्टरों से भी परामर्श लिया गया और उनके निर्देशानुसार टाइगर टी-24 के मल की जांच की गई। खानपान में कमी को देखते हुए उस्ताद के लिए गठित चिकित्सा बोर्ड में डॉ. शरद अरोड़ा, डॉ. कर्मेन्द्र प्रताप सिंह व डॉ. हिमांशु व्यास के नेतृत्व में उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। मल के जांच की रिपोर्ट सामान्य आई, वैसे मंगलवार शाम को जो भोजन रखा गया उसे बुधवार सुबह देखा तो सामने आया कि टाइगर ने भोजन लिया।
फुल गया है पेट
डॉक्टरों का मानना है कि उस्ताद का पेट भी फुला हुआ दिख रहा है। उनका मानना है कि पहले की तरह ही उस्ताद को कब्ज की समस्या हो रही है। अगले कुछ दिनों तक टाइगर के स्वास्थ्य पर पूरी निगरानी की जाएगी और उसके बाद जरूरत हुई तो उसके खून की जांच की जाएगी।
नॉन डिस्पले के खुले क्षेत्र में ही है उस्ताद
टाइगर अभी नॉन डिस्पले क्षेत्र में बाड़े के खुले क्षेत्र में ही है, उसका जो पिंजरा बना हुआ है वह भी खुला है, उसकी इच्छा होती है तब वह आता है और वापस खुले क्षेत्र में चला जाता है। उसका भोजन पिंजरे में ही रखा जाता है।